वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। यातायात नियमों के उल्लंघन पर अब चालकों को पहले से कहीं अधिक सख्ती का सामना करना पड़ेगा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक साल में पांच चालान होने पर ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने का नियम लागू कर दिया है। यह प्रावधान 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो चुका है। मंत्रालय के इस फैसले का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और वाहन चालकों में अनुशासन की भावना को मजबूत करना है। मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सेंट्रल मोटर व्हीकल्स (तीसरा संशोधन) नियम 2026 को लागू किया गया है। इसके तहत नियम 21 में संशोधन करते हुए यह व्यवस्था की गई है कि 1 जनवरी से शुरू होकर एक वर्ष की अवधि में यदि किसी चालक के पांच चालान हो जाते हैं, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जा सकेगा।
हालांकि, पिछले वर्ष के चालानों को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा। अब तक लाइसेंस निलंबन के लिए अपराध की गंभीरता जैसे नशे में वाहन चलाना या अत्यधिक गति जैसे कारणों को आधार बनाना पड़ता था, लेकिन नए नियम के बाद केवल चालानों की संख्या भी कार्रवाई का आधार बनेगी।
मॉर्थ के शासनादेश में डिजिटल प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया गया है। ट्रैफिक पुलिस या राज्य सरकार द्वारा अधिकृत अधिकारी व्यक्तिगत रूप से या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से चालान जारी कर सकेंगे। चालान कटने के बाद संबंधित व्यक्ति को तीन दिनों के भीतर ऑनलाइन या 15 दिनों के भीतर भौतिक रूप से जुर्माना जमा करना होगा। यदि 45 दिनों तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी जाती है, तो चालान को स्वतः स्वीकार मान लिया जाएगा और भुगतान अगले 30 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा। चालान को लेकर आपत्ति दर्ज कराने की स्थिति में संबंधित प्राधिकरण को सुनवाई कर लिखित रूप में समाधान करना होगा। यदि समाधान नहीं होता या आपत्ति खारिज कर दी जाती है, तो व्यक्ति 50 प्रतिशत जुर्माना जमा कर न्यायालय में अपील कर सकता है। जब तक जुर्माना लंबित रहेगा, तब तक लाइसेंस नवीनीकरण, वाहन पंजीकरण जैसी सेवाएं रोकी जा सकती हैं। यहां तक कि सरकारी पोर्टल पर वाहन की खरीद-फरोख्त पर भी रोक लगाई जा सकती है।
मंत्रालय का मानना है कि इस नियम से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, जुर्माना समय पर जमा होगा और बार-बार नियम तोड़ने वाले चालकों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।