वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार
कानपुर। कानपुर गैंगरेप मामले में आरोपी दारोगा अमित कुमार की फरारी के बीच पीड़िता के परिवार पर दबाव बनाने की कोशिशें सामने आई हैं। पीड़िता के भाई को व्हाट्सएप पर धमकी भरा संदेश मिला है, जिसमें दारोगा को निर्दोष बताते हुए नाम खराब करने पर गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई है। इस घटना के बाद परिवार दहशत में है, जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता के भाई के अनुसार 12 जनवरी को एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप मैसेज आया। मैसेज में लिखा गया कि दारोगा की नौकरी से मत उलझो, वरना रोना पड़ेगा और किसी तरह की मदद नहीं मिलेगी। संदेश भेजने वाले ने खुद को छोटू कुशवाह बताया और दावा किया कि दारोगा निर्दोष और शरीफ है। भाई का कहना है कि आरोपी के खुले घूमने और लगातार मिल रही धमकियों से पूरा परिवार भयभीत है और उसकी बहन मानसिक दबाव में जी रही है। धमकी वाले मैसेज पुलिस को सौंप दिए गए हैं, हालांकि जिस नंबर से संदेश आया, वह बाद में बंद हो गया।
कानपुर पुलिस के मुताबिक सचेंडी थाना क्षेत्र में व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि धमकी देने वाला अमित त्रिवेदी (30), निवासी सीतापुर है, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और विधिक कार्रवाई की जा रही है। उधर, फरार दारोगा अमित कुमार पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है, लेकिन आठ दिन बीतने के बाद भी उसका कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। चार पुलिस टीमें गोरखपुर, मेरठ, प्रयागराज और वाराणसी में तलाश कर रही हैं, जबकि पुलिस के अंदरूनी सूत्र मानते हैं कि आरोपी कानपुर में ही छिपा हो सकता है। इसी बीच आरोपी की ओर से हाईकोर्ट में गिरफ्तारी पर रोक की अर्जी भी डाली गई है। डीसीपी वेस्ट कासिम आबिदी ने बताया कि सर्विलांस, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही हैं। मामले में लापरवाही के आरोप में अब तक पांच पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी है, जिनमें निलंबन और जांच से हटाने जैसी कार्रवाई शामिल है।