– आईवीआरआई के वैज्ञानिकों ने हासिल की बड़ी कामयाबी।
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
बरेली। इज्जतनगर स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के वैज्ञानिकों ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए ऐसी मल्टीपल एलाइजा किट विकसित की है, जिससे रक्त के नमूने से ही कैंसर की शुरुआती अवस्था की पहचान संभव होगी। श्वानों पर सफल परीक्षण के बाद इसे मानव सैंपलों पर भी आजमाया गया, जहां प्रारंभिक परिणाम सकारात्मक मिले हैं। यह किट मात्र छह घंटे में रिपोर्ट देने में सक्षम है।
आईवीआरआई के इम्युनोलॉजी विभाग की प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सोनल, डॉ. समीर श्रीवास्तव और उनकी टीम ने सात वर्षों के लंबे शोध के बाद इस किट को विकसित किया है। वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ डॉ. आर.के. चितलांगिया की मदद से मानव रक्त के सौ नमूनों की जांच की गई, जिसमें कैंसर से जुड़े बायोमार्कर्स की पहचान सफलतापूर्वक हो सकी। डॉ. चितलांगिया ने परीक्षण की विश्वसनीयता और व्यापक उपयोगिता बढ़ाने के लिए 1500 से 2000 और नमूनों की जांच का सुझाव दिया है।
डॉ. सोनल के अनुसार यह मल्टीपल एंटीजन एलाइजा किट एक साथ कई कैंसर बायोमार्कर की पहचान करने में सक्षम है, जिससे शुरुआती अवस्था में ही बीमारी की आशंका का संकेत मिल जाता है। यह रूटीन स्क्रीनिंग में भी उपयोगी साबित हो सकती है। समय पर पहचान होने से इलाज अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा। वैज्ञानिकों की टीम कैंसर वैक्सीन और टारगेटेड थेरेपी के विकास पर भी कार्य कर रही है। कैनाइन मैमरी कैंसर की कई सेल लाइनों का विकास शोध के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
डॉ. सोनल का कहना है कि हाल के वर्षों में कुत्तों में कैंसर के मामलों में तेजी आई है। प्रदूषण, कीटनाशकों के संपर्क, उम्र बढ़ने पर प्रतिरोधक क्षमता का कम होना और अनुवांशिक कारण इसके प्रमुख कारण हैं। यह नई किट न केवल पशु स्वास्थ्य, बल्कि मानव स्वास्थ्य शोध के लिए भी नई दिशा प्रदान कर सकती है।