वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। विश्व दिव्यांग दिवस 2025 के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शारीरिक बनावट किसी व्यक्ति की क्षमता या सफलता का पैमाना नहीं होती। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुए इस कार्यक्रम में उन्होंने भारत की ऋषि परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि वास्तविक शक्ति मन, संकल्प और आत्मबल में निहित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में उपेक्षा किसी भी दिव्यांग व्यक्ति के मन को कुंठित कर देती है, जबकि थोड़ा सा संबल उन्हें मुख्यधारा से जोड़ सकता है। उन्होंने पैरालंपिक मेडलिस्ट और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के उदाहरण देकर बताया कि संकल्प शक्ति के बल पर दिव्यांगजन बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
कार्यक्रम में दिव्यांगजन सशक्तिकरण, छात्रवृत्ति वितरण और सहायक उपकरण प्रदान किए गए। कई कर्मचारियों, विद्यार्थियों और संस्थाओं को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि दिव्यांगजन पेंशन को बढ़ाया गया है, यूडीआईडी कार्ड निर्गत किए जा रहे हैं तथा आधुनिक सहायक उपकरणों के लिए विशेष धनराशि उपलब्ध कराई गई है। प्रदर्शनी में दिव्यांग बच्चों से संवाद के दौरान उन्होंने उन्हें उपहार भी दिए। कार्यक्रम में मंत्रीगण, अधिकारी और बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।