वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। डबल इंजन सरकार की “जनता के द्वार” पहल के तहत ग्राम चौपालें ग्रामीण समस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम बनती जा रही हैं। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशन में प्रदेश के प्रत्येक विकास खंड की दो ग्राम पंचायतों में हर शुक्रवार ग्राम चौपाल का आयोजन किया जाता है, जहां ग्रामीण अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रखकर मौके पर ही समाधान प्राप्त कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य गांव की समस्या का समाधान गांव में ही सुनिश्चित करना और जनसुविधाओं को doorstep तक पहुँचाना है।
ग्राम्य विकास विभाग के अनुसार शुक्रवार को प्रदेश की 1303 ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपालों का आयोजन किया गया, जिनमें 3204 समस्याओं का निस्तारण वहीं पर कर दिया गया। इन चौपालों में 3026 ब्लॉक स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी और 5456 ग्राम स्तरीय कर्मचारी उपस्थित रहे, जबकि 58 हजार से अधिक ग्रामीणों ने सहभागिता की। इससे पहले पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में एक लाख सत्तर हजार से अधिक ग्राम चौपालें आयोजित की जा चुकी हैं और इनमें पांच लाख अठहत्तर हजार से ज्यादा समस्याओं का समाधान किया गया है।
ग्राम चौपालों के माध्यम से न केवल व्यक्तिगत शिकायतों का समाधान हो रहा है बल्कि सार्वजनिक मुद्दों पर भी प्रभावी कार्यवाही हो रही है। इन बैठकों के जरिये गांवों में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन हो रहा है और सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिल रही है। चौपालों से पहले गांवों में विशेष सफाई अभियान चलाया जाता है और ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाता है।
उपमुख्यमंत्री मौर्य ने निर्देश दिए हैं कि ग्राम चौपालों का आयोजन पूरी प्रतिबद्धता के साथ होता रहे, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुँचे और प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक संवेदनशील बन सके।