वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में प्रारंभ हुए दिव्य कला मेले के उद्घाटन समारोह में दिव्यांगजन सशक्तिकरण को नई दिशा मिली। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा ने 216 दिव्यांग लाभार्थियों के लिए ₹1.76 करोड़ के ऋण स्वीकृत किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह पहल दिव्यांगजन को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता के नए अवसर प्रदान करेगी।
अपने संबोधन में मंत्री वर्मा ने कहा कि दिव्य कला मेला “दिव्यांगता में निहित क्षमता” का उत्सव है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उद्देश्य है कि दिव्यांगजन राष्ट्र निर्माण में समान साझेदारी निभाएँ। उन्होंने जानकारी दी कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के बाद सरकारी नौकरियों में आरक्षण 3% से बढ़ाकर 4% और उच्च शिक्षा में 3% से बढ़ाकर 5% कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि अब तक देशभर में 26 दिव्य कला मेले आयोजित हो चुके हैं, जिनके माध्यम से दिव्यांगजन 21 करोड़ रुपये से अधिक की आय अर्जित कर चुके हैं। यह 27वां मेला 18 राज्यों के 100 से अधिक दिव्यांग कारीगरों की प्रतिभा का मंच बना है।
लखनऊ के विधायक डॉ. नीरज बोरा ने इसे “Divine Ability” का उत्सव बताते हुए नागरिकों से दिव्यांग कलाकारों को प्रोत्साहित करने की अपील की। संयुक्त सचिव राजीव शर्मा ने बताया कि मेले में समावेशी खेल, सहायक उपकरण पंजीकरण सुविधा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ विशेष आकर्षण हैं।
NDFDC के सीएमडी अनिल कुमार ने कहा कि यह मेला दिव्यांग उद्यमिता को नई ऊँचाइयाँ देगा और राष्ट्र निर्माण में उनकी सहभागिता को सशक्त करेगा।