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भारत में रोजगार क्षमता बढ़कर 56.35%, एआई और डिजिटल कौशल ने बदली तस्वीर

– ईटीएस की इंडिया स्किल्स रिपोर्ट 2026 में भारत की बढ़ती कौशल-प्रधान अर्थव्यवस्था का प्रतिबिंब
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। वैश्विक शिक्षा और प्रतिभा समाधान संगठन ईटीएस (ETS) द्वारा जारी इंडिया स्किल्स रिपोर्ट 2026 में भारत को एक ग्लोबल टैलेंट पावरहाउस के रूप में उभरते हुए दिखाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, देश की समग्र रोजगार क्षमता 2025 के 54.81% से बढ़कर 2026 में 56.35% हो गई है। यह वृद्धि भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल साक्षरता और वैश्विक गतिशीलता की स्वीकृति से प्रेरित कौशल-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर संकेत करती है।
ईटीएस ने यह रिपोर्ट सीआईआई, एआईसीटीई, एआईयू और टैग्ड के सहयोग से जारी की है। रिपोर्ट भारत के कार्यबल की बदलती गतिशीलता और भविष्य के लिए उसकी तैयारियों को रेखांकित करती है। व्हीबॉक्स ईटीएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं इंडिया स्किल्स रिपोर्ट के मुख्य संयोजक निर्मल सिंह ने कहा, “बढ़ता समानांतर कार्यबल काम के भविष्य को बदल रहा है और इसकी शुरुआत भारत से हो रही है। भारत अब पैमाने, कौशल और तकनीक के संगम पर खड़ा है। आने वाला दशक एआई-एकीकृत कौशल और वैश्विक मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्रों के माध्यम से भारत की ग्लोबल टैलेंट मोबिलिटी को और सशक्त करेगा।”
रिपोर्ट में कई प्रमुख निष्कर्ष सामने आए हैं : —
रोजगार क्षमता में लगातार वृद्धि: 2022 से 2026 के बीच भारत की औसत रोजगार क्षमता 46.2% से बढ़कर 56.3% हुई।
एआई प्रतिभा में उछाल: भारत में अब वैश्विक एआई टैलेंट का 16% हिस्सा है, जो 2027 तक 12.5 लाख पेशेवरों तक पहुंचने का अनुमान है।
टेक्नोलॉजी स्वीकार्यता: 90% से अधिक कर्मचारी जनरेटिव एआई उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं, जो डिजिटल परिवर्तन की तीव्र गति को दर्शाता है।
गिग अर्थव्यवस्था में विस्तार: 2030 तक भारत के गिग और फ्रीलांस कार्यबल के 2.35 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है; इस क्षेत्र में पिछले वर्ष 38% वृद्धि दर्ज की गई।
शीर्ष क्षेत्र और कौशल: टेक्नोलॉजी, बीएफएसआई, विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा और स्वास्थ्य सेवा सबसे अधिक भर्ती वाले क्षेत्र हैं; जबकि एआई, डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा शीर्ष मांग वाले कौशल हैं।
2026 में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक को सबसे अधिक रोजगार क्षमता वाले शीर्ष तीन राज्यों में शामिल किया गया है। रिपोर्ट के 13वें संस्करण में ग्लोबल एम्प्लॉयबिलिटी टेस्ट (GET) के माध्यम से एक लाख से अधिक उम्मीदवारों और सात प्रमुख उद्योगों की प्रतिक्रियाएं सम्मिलित की गईं। यह संस्करण “कार्य का भविष्य – गिग वर्कफोर्स, फ्रीलांसिंग, एआई-सप्लीमेंटेड वर्कफोर्स, रिमोट वर्क और उद्यमिता” पर केंद्रित है।

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