वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। आकाशवाणी लखनऊ में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का विषय था “कार्यस्थल पर कार्यरत महिलाओं का यौन उत्पीड़न—समस्या और समाधान”, जिसमें अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती मंजरी उपाध्याय ने ‘विशाखा दिशा-निर्देश’ और महिलाओं के कानूनी अधिकारों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने और उत्पीड़न की रोकथाम के उपायों पर जोर दिया।
कार्यशाला का शुभारंभ आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की अध्यक्ष सुमन लता शुक्ला ने किया। उन्होंने कर्मचारियों से महिलाओं के अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनने और सहयोगात्मक कार्य संस्कृति विकसित करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर श्री अजीत चतुर्वेदी ने विषय की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए इसे कार्यालय की जिम्मेदारी और सामाजिक चेतना का प्रतीक बताया। कार्यशाला में मुख्य वक्ता श्रीमती उपाध्याय का स्वागत पुष्पगुच्छ देकर किया गया।
कार्यक्रम के दौरान ‘विशाखा’ दिशा-निर्देशों के तहत यौन उत्पीड़न के मामलों के निपटान की कानूनी प्रक्रिया, महिलाओं के नैतिक अधिकार और संस्थागत जिम्मेदारी पर विशेष ध्यान दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना ही एक सशक्त और सुरक्षित कार्यस्थल की पहली शर्त है। आकाशवाणी लखनऊ का यह प्रयास न केवल कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम है, बल्कि यह अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करता है। इस पहल से कर्मचारियों में संवेदनशीलता, पारस्परिक सम्मान और सहयोग की भावना को मजबूती मिली है।
कार्यशाला के समापन पर आयोजिका सुमन लता शुक्ला ने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे महिलाओं के अधिकारों की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाएं और कार्यस्थल को सुरक्षित, समानता-आधारित एवं सकारात्मक माहौल बनाने में योगदान दें।