वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर ने अपने जीवन से यह सिखाया कि शिक्षा ही स्वावलंबन और समाज सेवा का आधार है। वर्तमान समय में संसाधनों की कमी नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को अपने स्तर पर परिश्रम करने की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नियमित अध्ययन करें, संस्थानों में उपस्थिति दर्ज कराएं और पुस्तकालय जाने की आदत डालें।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को दशमोत्तर एवं पूर्वदशम छात्रवृत्ति कार्यक्रम के अंतर्गत 10,28,205 छात्र-छात्राओं के खातों में 297.95 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित करने के अवसर पर आयोजित समारोह में संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रमाण पत्र प्रदान किए और संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भ्रष्टाचार पर प्रभावी प्रहार करते हुए डीबीटी प्रणाली लागू की गई है, जिससे छात्रवृत्ति सीधे छात्रों के खातों में पहुंच रही है। अब विद्यार्थियों को वर्ष में दो बार, अक्टूबर और जनवरी में छात्रवृत्ति दी जाएगी। वर्ष 2016-17 तक 46 लाख विद्यार्थी इस योजना से लाभान्वित होते थे, जबकि अब यह संख्या 62 लाख से अधिक हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि आज अनुसूचित जाति/जनजाति के 3.56 लाख से अधिक छात्रों को 114.92 करोड़ रुपये, सामान्य वर्ग के 97 हजार छात्रों को 29.18 करोड़ रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग के 4.83 लाख विद्यार्थियों को 126.69 करोड़ रुपये और अल्पसंख्यक वर्ग के 90,758 छात्रों को 27.16 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प है कि किसी भी पात्र छात्र को छात्रवृत्ति से वंचित न रहना पड़े। सरकार सभी वर्गों के कल्याण और विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य के लिए लगातार प्रयासरत है। कार्यक्रम के दौरान छात्रवृत्ति वितरण पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई।
समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव गोंड तथा अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण एल0 वेंकटेश्वर लू, प्रमुख सचिव पिछड़ा वर्ग कल्याण सुभाष चन्द शर्मा, प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण संयुक्ता समद्दार, निदेशक कुमार प्रशांत सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।