– कैंसर, डायबिटीज और हृदय रोग पर मंथन, आईएमए लखनऊ में स्टेट लेवल संगोष्ठी
– माइंडफुलनेस मेडिटेशन द्वारा भावनात्मक और मानसिक नियंत्रण रखें : डॉ0 संजय श्रीवास्तव
– आईएमए का स्टेट लेवल रिफ्रेशर कोर्स और सीएमई, डॉक्टरों ने बढ़ाया ज्ञान
वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। आई एम ए लखनऊ की ओर से स्टेट लेवल रिफ्रेशर कोर्स और सीएमई प्रोग्राम का आयोजन सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक किया गया। इस दौरान कुल 17 मेडिकल विषयों पर चर्चा हुई, जिनमें हृदय रोग, कैंसर की अंतिम अवस्था और डायबिटीज जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल थे। कार्यक्रम में 80 से 100 डॉक्टरों ने भाग लिया। उद्घाटन मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा अधिकारी लखनऊ डॉ. एन.बी. सिंह और विशिष्ट अतिथि आईएमए यूपी स्टेट जोन 3 के उपाध्यक्ष डॉ. बृजेंद्र शुक्ला ने किया।
आईएमए लखनऊ की अध्यक्ष डॉ. सरिता सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कैंसर या किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति से बात करते समय, सक्रिय रूप से सुनें, सहानुभूति दिखाएं, और उनकी बात को ध्यान से सुनें. “मैं तुम्हारे लिए क्या कर सकता हूँ?” पूछकर ठोस, व्यावहारिक सहायता की पेशकश करें, नकारात्मक या निराशावादी बातें कहने से बचें. एक-दूसरे को बेहतर महसूस कराने के बजाय, मरीज़ से पूछें कि वे कैसा महसूस कर रहे हैं।
डाक्टर संजय श्रीवास्तव,आर्थोपेडिक सर्जन ने बताया कि तीस साल की उम्र के बाद भी ध्यान को केंद्रित करने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए माइंडफुलनेस (ध्यान) का अभ्यास करना फायदेमंद है। यह खाने की लालसा को नियंत्रित करने में मदद करता है, खासकर भावनात्मक खाने की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए। इसके लिए माइंडफुलनेस मेडिटेशन का अभ्यास किया जा सकता है,जो भावनात्मक और मानसिक नियंत्रण में सहायक है। वैज्ञानिक समिति के अध्यक्ष डॉ. जे.डी. रावत, पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनीता मित्तल और निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार अस्थाना ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम डॉक्टरों के ज्ञान में वृद्धि करते हैं और इन्हें नियमित रूप से होना चाहिए। आईएमए लखनऊ के सचिव डॉ. संजय सक्सेना ने स्वच्छ और स्वस्थ लखनऊ बनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में लखनऊ के कई वरिष्ठ और युवा चिकित्सक मौजूद रहे जिनमें डॉ. शाश्वत विद्याधर, डॉ. आर.बी. सिंह, डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी, डॉ. गुरमीत सिंह, डॉ. आलोक महेश्वरी, डॉ. रामा श्रीवास्तव, डॉ. निरुपमा, डॉ. आर्चिका गुप्ता,, डॉ. श्वेता और डॉ. सुमित सेठ शामिल थे। अंत में सचिव डॉ. संजय सक्सेना ने धन्यवाद ज्ञापित किया ।