वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। राजधानी में शनिवार को परिवहन विभाग का परिवर्तन दल ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में चेकिंग अभियान पर निकला, लेकिन खुद ही नियमों की अनदेखी करता दिखा। जहां एक ओर यह दल सड़क पर वाहनों की कागज़ी जांच, अवैध संचालन और ओवरलोडिंग पर कार्रवाई कर रहा था, वहीं विभाग के कर्मी बगैर नेम प्लेट, बिना तय वर्दी और अनुचित फुटवियर में नजर आए।
इस दौरान चेकिंग की निगरानी कर रहीं लखनऊ की पीटीओ आभा की टीम के किसी भी सदस्य की वर्दी पर नेम प्लेट नहीं थी। परिवहन विभाग की यह स्थिति कई सवाल खड़े करती है कि क्या नियम केवल आम जनता के लिए हैं? क्या बगैर नेम प्लेट, एक्शन शूज और मान्य यूनिफॉर्म के अधिकारी चेकिंग कर सकते हैं?
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भले ही विभाग के कार्यों की सार्वजनिक सराहना करते रहते हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत में विभाग के ही कर्मचारी नियमों की अवहेलना करते नजर आ रहे हैं। यह दोहरापन विभाग की छवि को धूमिल कर रहा है।
सवाल यह है कि जब नियम का पाठ पढ़ाने वाले ही उसका पालन न करें, तो व्यवस्था में भरोसा कैसे कायम रहेगा?