– ग्रामीण पर्यटन देगा आत्मनिर्भर भारत को गति
– लखनऊ में आयोजित ग्रामीण पर्यटन कान्क्लेव-2025
– 40 फॉर्म स्टे संचालक सम्मानित
वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा है कि आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित भारत और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को पूरा करने में पर्यटन, विशेषकर ग्रामीण पर्यटन, की बड़ी भूमिका होगी। लखनऊ में आयोजित ग्रामीण पर्यटन कान्क्लेव-2025 के उद्घाटन अवसर पर मंत्री ने कहा कि अब पर्यटन सिर्फ शहरों और ऐतिहासिक स्थलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गांवों की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ईको टूरिज्म, फॉर्म स्टे और होमस्टे जैसी अवधारणाओं को मजबूती देने के लिए उच्चस्तरीय सुविधाएं विकसित कर रही है। प्रदेश के सीमावर्ती गांवों को पर्यटन के मानचित्र पर लाने के लिए 35 गांवों को टूरिस्ट विलेज के रूप में विकसित किया जा रहा है, जबकि 234 गांवों का चयन रूरल टूरिज्म के लिए किया गया है। पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को सब्सिडी देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि कोरोना काल के बाद लोग प्रकृति के करीब रहना चाहते हैं और यह रुझान ग्रामीण पर्यटन को नई दिशा दे रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी और सुरक्षा व्यवस्था के चलते उत्तर प्रदेश घरेलू पर्यटन में पहले स्थान पर पहुंच गया है और विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित कर रहा है।
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश मेश्राम ने कान्क्लेव को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारे गांव ही देश की आत्मा हैं। गांव में गंवई संस्कृति की झलक मिलती है जो मनुष्य को मनुष्यता की ओर ले जाती है।
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इस अवसर पर पर्यटन मंत्री ने 40 फॉर्म स्टे संचालकों और उनसे जुड़े महानुभावों को प्रमाण पत्र वितरित कर सम्मानित किया। कान्क्लेव को विधान परिषद सदस्य धर्मेन्द्र सिंह, पद्मश्री रामशरण वर्मा, आयुक्त निबंधक एवं सहकारिता योगेश कुमार, विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण के प्रमुख सचिव बी0एल0 मीणा आदि ने सम्बोधित किया एवं सुझाव दिये। इस अवसर पर निदेशक पर्यटन प्रखर मिश्र के अलावा बड़ी संख्या में होमस्टे संचालक, पर्यटन विभाग के अधिकारी एवं अन्य विभागों से आये विशेषज्ञ मौजूद थे।