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हीमोफीलिया एक रक्तस्राव विकार, पर केजीएमयू में कार्यशाला

वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। हीमोफीलिया एक रक्तस्राव विकार है, जिसका समय पर निदान न होने पर गंभीर जानलेवा रक्तस्राव हो सकता है। केजीएमयू के पैथोलॉजी विभाग ने कोएगुलेशन अपडेट में सीएमई का आयोजन किया, जिसके बाद 21 और 22 मार्च को कार्यशाला का आयोजन किया गया। वार्ता में चिकित्सकों, पैथोलॉजिस्टों और रोगियों में हीमोफीलिया के शुरुआती लक्षणों, इसके निदान और प्रबंधन के बारे में व्यापक जागरूकता पर ध्यान केंद्रित किया गया। आसपास के शहरों, सीएचसी, पीएचसी और डायग्नोस्टिक केंद्रों से प्रतिभागी शामिल हुए। यह आईएसएचबीटी और सीएमसी वेल्लोर के प्रोफेसर सुकेश नायर के सहयोग से हुआ। एसजीपीजीआई, पीजीआई चंडीगढ़ के अतिथि वक्ताओं और पूरे भारत से 170 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद, प्रोफेसर तथागत चटर्जी, प्रोफेसर सुरेश बाबू और आयोजन सचिव डॉ डॉ. रश्मि कुशवाह ने बताया कि पूरे भारत में 40 प्रतिभागियों को हीमोफीलिया के निदान में की जाने वाली प्रक्रियाओं पर प्रशिक्षण दिया गया। इसका उद्देश्य डॉक्टरों और तकनीशियनों को प्रशिक्षित करना था ताकि निकट भविष्य में सभी सीएचसी और पीएचसी स्तर पर हीमोफीलिया का निदान उपलब्ध हो सके। इससे हीमोफीलिया के रोगियों को बहुत मदद मिलेगी।

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