वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार वर्मा
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को मूलगंथ कुटी विहार, सारनाथ, वाराणसी में कार्तिक पूर्णिमा पर मूलगंथ कुटी विहार के 93वें वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप मे प्रतिभाग किया इस अवसर उन्होंने पर परमपूज्य भंते गणों को संबोधित किया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व का वर्तमान परिदृश्य में भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को फिर से ग्रहण करना चाहिए क्योंकि उनका सिद्धान्त शांति, सद्भावना और विश्व बंधुत्व की दिशा में एक मार्गदर्शक रूप में कार्य कर सकता है। और धार्मिक व्यवहार, ज्ञान, करुणा और सौहार्द का बौद्ध दृष्टिकोण और तृष्णा का त्याग, एक नई विश्व व्यवस्था के लिए आधार प्रदान करता है। इतिहास से भरपूर और आध्यात्मिकता से सराबोर, मूलगंथ कुटी विहार सारनाथ के प्रमुख बौद्ध स्थल में तथागत भगवान बुद्ध के विभिन्न स्वरूपों के उन्होंने दर्शन किए।
श्री मौर्य ने कहा कि भगवान बुद्ध के उपदेश शांति का मार्ग अपनाने पर जोर देते हैं, उनके उपदेश आज की तनावभरी जिंदगी तथा विश्व शांति के लिए और अधिक प्रसांगिक है। उन्होंने यह भी कहा कि जहां तथागत के शिष्य होंगे वहां शांति होगी, विपश्यना होगी। उन्होंने कहा, प्रत्येक परिवार में भगवान बुद्ध का एक अनुयायी होना चाहिए। अगर शांति, विकास, रोजगार चाहिए तो बुद्धं शरणं से उत्तम कोई दूसरा मार्ग नहीं है।उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध ने तीन बातों पर जोर दिया था, जिसमें इच्छाओं का त्याग, क्रोध पर नियंत्रण तथा ज्ञान का विस्तार शामिल है। उनके उपदेशों पर अमल करते हुए जीवन में उतारने की आवश्यकता है।