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एसटीएफः सोसल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर भारतीयों को ठगने वाला नाईजीरियन गिरोह के 03 शातिर गिरफ्तार

वेबवार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/मोहन वर्मा
दिल्ली 22 दिसंबर। विगत दिवस एस0टी0एफ0, उत्तर प्रदेश को फेसबुक/फेसबुक मैसेन्जर/इन्स्ट्राग्राम/व्हाट््सएप पर यूएसए/यूएई के नागरिकों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर भारतीय युवक/युवतियों को प्रेमजाल मे फंसाकर, गिफ्ट भेजने का झांसा देकर, फिर गिफ्ट आने पर फर्जी कस्टम अधिकारी, इनकम टैक्स अधिकारी बनकर अधिक कैश या कीमती गिफ्ट होने की बात कह कर, कस्टम ड्यिटी पे करने/ इनकम टैक्स पे करने व मनीलांड्रिग के नाम पर राष्ट्रीय स्तर पर ठगी करने वाले नाईजीरियन गिरोह का पर्दाफाश कर गिरोह के सरगना सहित 03 अभियुक्तों को फ्लैट नं0 बी-37 तृतीय तल गुरुनानक बिहार निकट चन्दर बिहार निलोठी एक्सटेन्शन, थाना निहाल बिहार आउटर दिल्ली से दोपहर 3″10 पर गिरफ्तार करने मे सफलता प्राप्त हुई।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण-
1. OKOU CHRISTIAN, S/O VBIND OKOU R/O OROMA ETITIANM, Ps. MUEZEANAM, ANAMBRA, WEST NIGERIA. 
2. LABAYE KE JUSTIN S/O LABAYE, R/O  OROMA ETITIANM, Ps. MUEZEANAM, ANAMBRA, WEST NIGERIA. 
3. NNALUE HYCIENTH CHUKWUNONSO, S/O SOMON R/O OROMA ETITIANM, Ps. MUEZEANAM, ANAMBRA, WEST NIGERIA. 
बरामदगी –
1. 05 अदद लैपटॉप, 01 अदद पासपोर्ट, 10 अदद मोबाइल फोन, 12 अदद मोबाइल डिब्बा, 03 अदद इन्टरनेट मॉडम, 01 अदद वाईफाई राउटर डिवाइस, 01 अदद ब्रासलेट (कलर गोल्डेन), 02 अदद चेन (01 अदद गोल्डेन, 01 अदद सिल्वर), 02 अदद कलाई घड़ी, 05 अदद कान के बूंदे (रंग गोल्डेन), 2 अदद अंगुली का छल्ला (रंग सिल्वर), 02 अदद सिमकार्ड, 09 अदद सिमकार्ड होल्डर, 03 अदद मोबाइल बिल, 01 अदद मकान किरायानामा, 03 अदद लैपटाप चार्जर।
ज्ञात हो कि एस0टी0एफ0, उत्तर प्रदेश को ज्ञात हुआ कि दिनांकः 08.10.2021 को थाना मिल एरिया जनपद रायबरेली पर एक महिला अध्यापिका द्वारा मु0अ0स0 400/2021 धारा 419/420/467/468/471 भादवि0 व 66 डी सूचना प्रोद्यौगिकी अधिनियम का अभियोग पंजीकृत कराया गया है कि कुछ महीने पहले इन्सटग्राम पर डा0 हैरी एनरिक, इंग्लैण्ड के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर माह अगस्त 2021 में दोस्ती कर 01 माह में प्रेमजाल में फंसाकर करोड़ों रूपये का पाउण्ड व महंगी ज्वेलरी, आईपैड, आईफोन आदि गिफ्ट भेजने की बात बतायी। दिनांक 22.09.2021 को एक महिला द्वारा व्हाट््सएप के माध्यम से वीडियों कॉल कर खुद को दिल्ली एयरपोर्ट की कस्टम अधिकारी बता कर एक पैकेट दिखाया, जिसमें पाउण्ड, आईफोन, आईपैड, घड़ी, ज्वेलरी आदि है, जिसे प्राप्त करने हेतु आपको कस्टम चार्ज के रूप में 25900 रूपये जमा करने हैं, तब यह पैकेट आपके पते पर पहुॅच जायेगा। अध्यापिका उपरोक्त द्वारा उक्त रूपये फर्जी कस्टम अधिकारी द्वारा बताये गये खाते में गूगल-पे के माध्यम से भेज दिया गया। जिसके बाद फर्जी कस्टम अधिकारी द्वारा बताया गया कि आपके पैकेट में रूपये 40 लाख कीमत के लगभग 40 हजार पाउण्ड हैं, जिसके लिये फाइनेन्स डायरेक्टर का सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा, जिसके लिये 1.5 लाख रूपया जमा करने हैं। अध्यापिका द्वारा उक्त 1.5 रूपये जमा करने के बाद फर्जी कस्टम अधिकारी द्वारा फाइनेन्स डायरेक्टर के नाम का एक कूटरचित सर्टिफिकेट भेजा गया एवं इसके बाद बताया गया कि पाउण्ड को इण्डियन करेन्सी में बदलने के लिए 4.25 लाख रूपये जमा कर सर्टिफिकेट लेना होगा। अध्यापिका द्वारा उक्त 4.25 लाख रूपया जमा करने के पश्चात फर्जी कस्टम अधिकारी द्वारा रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया के नाम का एक कूटरचित सर्टिफिकेट और भेजा गया। इसके 02 दिन बाद पैकेट रिसिव न होने पर फर्जी कस्टम अधिकारी से व्हाट््सएप पर बात की गयी तो कस्टम अधिकारी द्वारा रिजर्व बैंक इण्डिया में टैक्स जमा करने के नाम पर 2.85 लाख रूपये जमा करना होगा। जिसपर अध्यापिका द्वारा उक्त 2.85 लाख रूपये जमा करने के बाद उक्त फर्जी कस्टम अधिकारी द्वारा रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया के नाम का एक और कूचरचित दस्तावेज भेजा गया। इसके बाद 27.09.2021 तक पैकेट रिसिव न होने पर अध्यापिका द्वारा फर्जी कस्टम अधिकारी से व्हाट््सएप पर बात की गयी तो कस्टम अधिकारी द्वारा बताया गया कि आपके पैकेट में करोड़ों रूपये के पाउण्ड निकल आये हैं, आपके ऊपर तो मनी लॉण्डरिंग का केस बन रहा है, बताकर रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया का सर्टिफिकेट दिलाकर केस खत्म कराने के लिए 15 लाख रूपये और जमा करा लिया और एक कूटरचित सर्टिफिकेट भेजा तथा बताया कि 02 दिन में आपका पैकेट आ जायेगा। 02 दिन बाद अध्यपिका द्वारा व्हाट्सएप कालिंग करने पर उपरोक्त फर्जी कस्टम अधिकारी द्वारा बताया गया कि आपका मामला वित्त मंत्रालय भारत सरकार में पहुॅच गया है, भारत सरकार का सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिये 5.80 लाख रूपये फिर से जमा करा लिये गये एवं इसके बाद दिनांक 01.10.2021 को व्हाट्सएप पर अध्यापिका ने कॉल किया तो जोसेफ नाम के कस्टम अधिकारी ने कॉल रिसिव कर बताया कि आपका भारत सरकार से निपट चुका है, 2.5 लाख रूपये जमा करने पर आपकी करेन्सी भारतीय रूपये में बदल कर सर्टिफिकेट दे दिया जायेगा। रूपये जमा कराकर अपने व्हाट््सएप नम्बर से फर्जी कस्टम अधिकारी जोसेफ द्वारा भी एक भारत सरकार का कूटरचित सर्टिफिकेट भेजा गया। 02 दिन तक पैकेट रिसिव न होने पर अध्यापिका खुद ही दिल्ली एयरपोर्ट कस्टम ऑफिस गयी तो वहां पता चला कि यहां ऐसा कुछ नहीं है, उसके साथ फ्राड हो गया है। इसके बाद अध्यापिका द्वारा अपने दिये हुये रूपयों को वापस करने हेतु फर्जी कस्टम अधिकारी को फोन किया गया। जिसके बाद अध्यापिका के मोबाइल नम्बर को कस्टम अधिकारी द्वारा ठसवबा कर दिया।
उपरोक्त के परिपेक्ष्य मे विभिन्न माध्यमो से सूचना संकलन कर उपरोक्त मुकदमे का सफल अनावरण कर त्वरित कार्यवाही करते हुए दिनांक 21-12-2021 को एस0टी0एफ0 उ0प्र0 व थाना मिलएरिया जनपद रायबरेली पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा उपरोक्त अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिनसे उपरोक्त बरामदगी की गयी।
गिरफ्तार तीनां व्यक्तियां ने आंग्ल भाषा मे बताया की वे तीनों नाइजिरिया के रहने वाले हैं तथा दिल्ली के जतिन्द्र सिंह पुत्र सुखविन निवासी जीएच 14/558 पश्चिम विहार नई दिल्ली के स्थित मकान फ्लैट नं0 बी-37 तृतीय तल गुरुनानक बिहार निकट चन्दर बिहार निलोठी एक्सटेन्सन थाना निहाल बिहार आउटर दिल्ली मे किराये पर रहकर अपना फर्जी आफिस चलाते है। दो वर्ष पूर्व हम लोग पासपोर्ट व वीजा से भारत मे आये थे। हम लोग आनलाईन झूठे फोटो लगा कर फेसबुक, इंस्टाग्राम, ह्वाटसएप जैसी सोशल साइटां के माध्यम से स्मार्ट युवक/युवतियां के फोटो लगा कर लोगो से चौटिंग तथा प्रेम वार्ता करते है तथा खुद को अमेरिका, इग्लैण्ड जैसे विकसित देशो के नागरिक बताकर अपने जाल में फसाते हैं और उन्हें शादी करने आनन्द के लिए शारीरिक सम्बन्ध बनाने और तरह-तरह के महंगे उपहार भेजने के नाम पर टैक्स, कस्टम चार्ज, मनीट्रान्सफर चार्ज के नाम पर भिन्न-भिन्न बैक खातां में रुपये मंगवा लेते है। हम लोगां द्वारा धोखाधड़ी व कूटरचना करके जो भी रुपये अर्जित किये गये हैं, हम लोगो के पास से बरामद आर्टीफिसियल ज्वैलरी आदि का प्रयोग हम लोगो को महगा गिफ्ट दिखाने के लिए करते है। हम लोगों द्वारा अब तक सैकडों लोंगों से लगभग 10 करोड़ रूपये की ठगी की जा चुकी है।
गिरफ्तार अभियुक्तों को मु0अ0सं0 400/2021 धारा 419/420/467/468/471 भा0द0वि0 व 66 डी सूचना प्रोद्यौगिकी अधि0 थाना मिलएरिया जनपद रायबरेली में दाखिल किया गया। अग्रिम विधिक कार्यवाही थाना मिलएरिया जनपद रायबरेली पुलिस द्वारा की जा रही है। पुलिस अधीक्षक रायबरेली द्वारा उपरोक्त मुकदमे का अनावरण करने वाली टीम को रूपये 20,000/ के पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की गयी है।

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