वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 20 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के पशुधन मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि पशुधन विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाते हुए समय से निर्धारित लक्ष्यों को पूरा किया जाय। साथ ही कार्यक्रमों के लिए आवंटित बजट का शत-प्रतिशत उपयोग भी सुनिश्चित करते हुए जनपदों को उपलब्ध कराई जा रही धनराशि के सापेक्ष उपयोगिता प्रमाण पत्र तत्काल निदेशालय को उपलब्ध कराया जाय। मण्डलीय अपर निदेशक विभागीय योजनाओं का प्रभावी अनुश्रवण करें अन्यथा योजनाओं की प्रगति में कमी होने पर वह भी उत्तरदायी होंगे। पशुधन मंत्री ने कहा कि प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर एक-एक गो-आश्रय स्थल खोले जाने की कार्यवाही तत्काल सुनिश्चित करायी जाय ताकि अधिक से अधिक संख्या में गोवंश का संरक्षण किया जा सके।
पशुधन मंत्री आज यहां पशुपालन निदेशालय में पशुधन विभाग की योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्हांेंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सहभागिता योजना एवं कुपोषित परिवार को उपलब्ध कराये गये गोवंश का समुचित अभिलेखीकरण कराया जाय और पशुधन बीमा के अन्तर्गत अधिक से अधिक लाभार्थियों को आच्छादित किया जाय। इसके अतिरिक्त महत्वाकांक्षी जनपदों में कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, किसान क्रेडिट कार्ड से पशुपालकों को लाभान्वित किया जाय। पशुधन मंत्री ने प्रदेश में एन0ए0आई0पी0 की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इनाफ पोर्टल पर शत-प्रतिशत डाटा अपलोड करने की कार्यवाही यथाशीघ्र पूर्ण की जाय अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी।
बैठक में पशुधन विभाग की विशेष सचिव श्रीमती मंजू लता, निदेशक प्रशासन एवं विकास डॉ0 एस0के0 मलिक, निदेशक रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र डॉ0 इन्द्रमणि, अपर निदेशक डॉ0 अरविन्द सिंह, डॉ0 हरदेव तथा जनपदों के मण्डलीय अपर निदेशक तथा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी भी उपस्थित थे।