वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी के उस बयान पर कटाक्ष किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने जाट समाज का ठेका नहीं ले रखा है। सुनील सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि जाट समाज का ठेका आप ले भी नहीं पाओगे, क्योंकि समाज कोई ठेका नहीं है और अब जाट समाज राजनीति की असलियत को अच्छी तरह समझ चुका है।
लोकदल अध्यक्ष ने कहा कि मुद्दा किसी समाज का ठेका लेने का नहीं, बल्कि उसके प्रति जिम्मेदारी निभाने का है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जाट समाज के नाम पर राजनीति की गई और समाज के समर्थन से राजनीतिक ताकत हासिल की गई। अब जब जाट समाज और किसानों के सवालों का जवाब देने की बारी आई तो जिम्मेदारी से बचने के लिए ऐसे बयान दिए जा रहे हैं। सुनील सिंह ने कहा कि जिन नेताओं ने किसानों और जाट समाज से बड़े-बड़े वादे किए थे, उन्हें अब उन वादों का हिसाब देना होगा। किसान आज भी अपनी फसल का उचित मूल्य, गन्ने के समय पर भुगतान और अन्य समस्याओं के समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उन्होंने कहा कि जाट समाज भी यह देख रहा है कि जिन नेताओं पर उसने भरोसा जताया, वे सत्ता में पहुंचने के बाद उसके मुद्दों पर कितनी मजबूती से खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि जाट समाज अब केवल नाम और नारों की राजनीति से प्रभावित होने वाला नहीं है। समाज जागरूक हो चुका है और नेताओं के कामकाज का आकलन करेगा। सुनील सिंह ने कहा कि अब यह देखा जाएगा कि कौन नेता किसानों और समाज के वास्तविक मुद्दों को मजबूती से उठाता है और उनके समाधान के लिए संघर्ष करता है।
लोकदल अध्यक्ष ने कहा कि आने वाले समय में जाट समाज और किसान अपने हितों को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक निर्णय लेंगे। उन्होंने दोहराया कि जाट समाज का ठेका लेने की बात करने वालों को अब समाज की जागरूकता और राजनीतिक समझ का सामना करना पड़ेगा।