वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन पर प्रदेश की 3.53 लाख से अधिक मिड-डे मील रसोइयों को बड़ा उपहार दिया। पीएम पोषण योजना के तहत कार्यरत रसोइयों का मानदेय 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें और उनके परिवार को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा, दुर्घटना की स्थिति में दो लाख रुपये का सुरक्षा कवच और ड्रेस के लिए मिलने वाली धनराशि 500 से बढ़ाकर 1,000 रुपये करने की घोषणा की गई।
रविवार को आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने रसोइयों को बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक, परिधान किट और कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि रसोइया केवल विद्यालय में भोजन तैयार करने वाली कर्मी नहीं, बल्कि देश के बचपन को स्वस्थ और समर्थ बनाने के अभियान की महत्वपूर्ण सहभागी हैं। बच्चों का स्वस्थ बचपन ही समर्थ प्रदेश और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है।
मुख्यमंत्री ने रसोइयों से विद्यालय की रसोई की स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता और बच्चों को समय से पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि पीएम पोषण योजना के निर्धारित मेन्यू के साथ स्थानीय मिलेट, मौसमी फल और स्थानीय उत्पादों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। भोजन की गुणवत्ता और बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। योगी ने कहा कि सरकार रसोइयों के मानदेय के साथ उनकी सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित कर रही है। एसबीआइ के साथ हुए समझौते के तहत दुर्घटना की स्थिति में दो लाख रुपये की सहायता मिलेगी। वहीं रसोइयों और उनके परिवार को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प से परिषदीय विद्यालयों में 19 पैरामीटर पर अवस्थापना सुविधाओं का विकास हुआ है। निपुण भारत अभियान से बच्चों में भाषा, गणित, विज्ञान और अंग्रेजी के प्रति समझ विकसित हो रही है। सरकार शिक्षा के साथ रसोइयों और अन्य मानदेय कर्मियों के सम्मान व सामाजिक सुरक्षा के लिए भी लगातार कदम उठा रही है।