वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
अयोध्या। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की औपचारिक सरगर्मियां भले अभी तेज न हुई हों, लेकिन समाजवादी पार्टी ने अयोध्या से अपना पहला बड़ा चुनावी संदेश दे दिया है। लखनऊ में जनेश्वर मिश्र की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंच से पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ‘पवन’ का नाम लेते हुए कहा कि वह अयोध्या से भारी मतों से जीतकर आएंगे। सपा ने अभी तक किसी भी विधानसभा सीट पर उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में अयोध्या जैसी प्रतिष्ठित सीट के लिए सार्वजनिक रूप से पवन पांडेय का नाम लेना राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मूल रूप से पूरा ब्लॉक के कृष्णापुर निवासी पवन पांडेय लंबे समय से जिले में सपा का प्रमुख चेहरा रहे हैं। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के दिग्गज नेता लल्लू सिंह को हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया था। लगातार पांच बार विधायक रहे लल्लू सिंह की हार को उस समय भगवा राजनीति के बड़े झटके के रूप में देखा गया था। इसके बाद अखिलेश सरकार में पवन पांडेय को राज्यमंत्री बनाया गया और वह अयोध्या की सपा राजनीति के केंद्र में बने रहे। पार्टी संगठन में भी उनका कद लगातार बढ़ा है। राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में वह विभिन्न मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखते रहे हैं। राम मंदिर से जुड़े जनहित और राजनीतिक विषयों पर भी वह लगातार सक्रिय रहे हैं। हाल के राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में भी उन्होंने भाजपा सरकार पर सवाल उठाए थे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राम मंदिर निर्माण के बाद होने वाला पहला विधानसभा चुनाव भाजपा और सपा दोनों के लिए प्रतिष्ठा का मुकाबला होगा। ऐसे समय में अखिलेश यादव का मंच से पवन पांडेय के नाम के साथ जीत का भरोसा जताना कार्यकर्ताओं के लिए स्पष्ट राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। वहीं पवन पांडेय ने कहा कि वह राष्ट्रीय अध्यक्ष और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे तथा पार्टी के विश्वास के लिए स्वयं और अपने परिवार की ओर से आभार व्यक्त करते हैं।