वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से सोमवार को जन भवन में राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय, नई दिल्ली के प्रशिक्षु अधिकारियों तथा भारत सरकार की सिविल सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रणनीतिक अध्ययन से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद और विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर भारतीय सशस्त्र सेनाओं के तीनों अंगों के प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ मालदीव, ब्राजील, श्रीलंका, आर्मेनिया और मंगोलिया के सैन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय में इन अधिकारियों के लिए एक वर्षीय पाठ्यक्रम संचालित किया जाता है, जिसमें स्वास्थ्य, सुशासन, न्याय व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न आयामों का अध्ययन कराया जाता है। पाठ्यक्रम के अंतर्गत अधिकारी विभिन्न राज्यों का भ्रमण कर स्थानीय मुद्दों का अध्ययन करते हैं और अपनी रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को प्रस्तुत करते हैं। संवाद के दौरान राज्यपाल ने अपने प्रशासनिक और सार्वजनिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का समुचित और समयबद्ध क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बजट की राशि का पूर्ण और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए तथा अधिकारियों को विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित मॉनिटरिंग करनी चाहिए।
राज्यपाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, केजी से पीजी तक समग्र शिक्षा की अवधारणा, विश्वविद्यालयों में किए जा रहे नवाचारों और आंगनबाड़ी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने टीबी उन्मूलन और सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण जैसे जनस्वास्थ्य अभियानों के महत्व पर भी चर्चा की। प्रशिक्षु अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश में कौशल विकास, शिक्षित बेरोजगारी और शोध के लिए वित्तीय संसाधनों से जुड़े प्रश्न भी पूछे। राज्यपाल ने कहा कि किसी भी कार्य की सफलता के लिए प्रतिबद्धता जरूरी होती है और कार्य करने में उम्र कभी बाधा नहीं बनती।
इस अवसर पर राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। राज्यपाल ने भी अधिकारियों को अपनी लिखित पुस्तकों सहित अन्य साहित्य भेंट किए। कार्यक्रम के बाद अधिकारियों ने जन भवन परिसर का भ्रमण कर विभिन्न कक्षों और व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।