वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। अयोध्या में तैनात रहे जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। इस्तीफा देने के बाद उन पर फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र के आधार पर सरकारी नौकरी प्राप्त करने का आरोप लगा है। यह आरोप उनके ही बड़े भाई डॉ. विश्वजीत सिंह ने लगाए हैं। डॉ. विश्वजीत का कहना है कि प्रशांत कुमार पूरी तरह सक्षम हैं और उन्होंने दिव्यांग कोटे का गलत लाभ उठाकर नौकरी हासिल की। उन्होंने इस संबंध में सक्षम अधिकारियों से शिकायत करने की बात भी कही है। मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक और विभागीय हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि शिकायत के आधार पर संबंधित दस्तावेजों की जांच की मांग की गई है। फिलहाल विभाग की ओर से इस प्रकरण पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला सरकारी सेवा में नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।