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धर्मेन्द्र के निधन पर कांग्रेस नेताओं ने जताया गहरा शोक

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। पद्म विभूषण से सम्मानित, फिल्म जगत के महानायक और ही–मैन के नाम से देशभर में लोकप्रिय रहे पूर्व सांसद धर्मेन्द्र के निधन पर राज्यसभा के उप–नेता एवं सांसद प्रमोद तिवारी तथा उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता एवं विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। दोनों नेताओं ने स्वर्गीय धर्मेन्द्र की स्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि वे केवल सिनेमा के चमकदार सितारे नहीं थे, बल्कि निजी जीवन में भी अत्यंत सरल, सौम्य, मिलनसार और मृदुभाषी व्यक्तित्व के धनी इंसान थे. उनका व्यवहार हर वर्ग और हर व्यक्ति के प्रति समान स्नेह, सम्मान और आत्मीयता से भरा रहता था, जिसने उन्हें एक कलाकार से कहीं अधिक एक प्रिय जन–नायक के रूप में स्थापित किया।
नेता द्वय ने कहा कि स्व धर्मेन्द्र ने अपने कालजयी अभिनय से भारतीय सिनेमा को अविस्मरणीय क्षण दिए. उन्होंने शोले, मेरा गाँव मेरा देश, लोहा, तहलका, कोहराम, आया सावन झूम के, धर्मवीर और राजा जानी जैसी प्रतिष्ठित फिल्मों सहित लगभग 300 से अधिक फिल्मों में भूमिका निभाकर करोड़ों दर्शकों के हृदय पर अमिट छाप छोड़ी. उनका अभिनय कौशल, संवाद अदायगी और सहज शैली उन्हें फिल्म जगत के सबसे विशिष्ट और बड़े नामों की श्रेणी में खड़ा करती थी. उनके जाने से कला, संस्कृति और सिनेमा के संसार में एक ऐसा शून्य पैदा हुआ है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं प्रतीत होती।
प्रमोद तिवारी और आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि धर्मेन्द्र की लोकप्रियता समय की सीमाओं से परे थी. उन्होंने सिनेमा में ही नहीं, बल्कि संसद और सामाजिक जीवन में भी एक प्रेरक उपस्थिति दर्ज कराई. वे ऐसे कलाकार थे जिनकी पहचान किसी एक भूमिका, एक दौर या एक पीढ़ी तक सीमित नहीं रही. उनका योगदान इतिहास और जनमानस दोनों में समान रूप से दर्ज रहेगा. नेताओं ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को चिर शांति प्राप्त हो और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहने, स्वीकार करने और इससे उबरने की शक्ति मिले. दोनों नेताओं ने कहा कि यह दुःख उत्तर प्रदेश और पूरे देश का साझा दुःख है, जिसे हर भारतवासी समान पीड़ा के साथ महसूस कर रहा है।
राज्य और पार्टी पंक्ति के अलावा आम नागरिकों के बीच भी स्व धर्मेन्द्र के निधन से शोक की लहर है. सोशल मीडिया, सांस्कृतिक संगठनों और राजनीतिक व गैर–राजनीतिक मंचों पर लगातार जान–नायक को श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व केवल याद किए जाने के लिए नहीं जन्म लेते, बल्कि समाज को मानवीय आचरण, कला की श्रेष्ठता और सादगी की अनूठी कसौटी सौंपकर जाते हैं. उनका जीवन, कार्य और व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

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