वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। राष्ट्रीय लोक दल व्यापार प्रकोष्ठ के रोहित अग्रवाल ने केंद्र सरकार द्वारा 15 लाख टन चीनी के निर्यात को मंजूरी देने और शीरा (मोलासिस) के निर्यात पर 50 प्रतिशत शुल्क घटाने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय किसानों और चीनी उद्योग दोनों के हित में है और इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। अग्रवाल ने कहा कि सरकार के इस कदम से चीनी मिलों की आर्थिक क्षमता बढ़ेगी, जिससे वे गन्ना किसानों को समय पर भुगतान करने में सक्षम होंगी।
श्री अग्रवाल ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में किसानों के भुगतान वर्षों तक लंबित रहते थे, जबकि वर्तमान सरकार की नीति त्वरित भुगतान को प्राथमिकता देती है, जो निश्चित रूप से सराहनीय है। श्री अग्रवाल ने कहा कि शीरा निर्यात पर शुल्क में कमी से भारतीय शीरा व्यापार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी और निर्यात मांग में वृद्धि होगी। इसका सीधा लाभ चीनी मिलों और किसानों दोनों को प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष गन्ना उत्पादन अधिक होने के बावजूद सरकार ने समय पर भुगतान सुनिश्चित किया, और इस वर्ष भी अधिकांश भुगतान पूरा किया जा चुका है। यह दर्शाता है कि सरकार किसानों के हितों के प्रति वास्तव में प्रतिबद्ध है।
श्री अग्रवाल का मानना है कि इस निर्णय से देश के विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि होगी और चीनी उद्योग की वित्तीय स्थिरता भी सुदृढ़ होगी। उद्योग में पर्याप्त तरलता आने से गन्ना मूल्य में सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी प्रवाह बढ़ेगा, जिससे रोजगार व आय के अवसरों में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि यह नीति केवल किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे ग्रामीण और औद्योगिक ढाँचे के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।