वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
नई दिल्ली। दिवाली की रात राजधानी दिल्ली में भारी आतिशबाजी के कारण वायु गुणवत्ता गंभीर रूप से बिगड़ गई। रविवार रात से सोमवार सुबह तक हवा में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता गया और 38 में से 36 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन रेड जोन में दर्ज किए गए। चार प्रमुख इलाकों—द्वारका, अशोक विहार, वज़ीरपुर और आनंद विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 से अधिक पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 345 रहा, जो रविवार के 326 से अधिक है। रात 10 बजे दिल्ली का समग्र AQI 344 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में है। समीर ऐप के अनुसार, द्वारका में AQI 417, अशोक विहार में 404, वज़ीरपुर में 423 और आनंद विहार में 404 दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि आतिशबाजी से उठे धुएं और मौसम की स्थिरता ने प्रदूषण को और बढ़ा दिया।
निर्णय सहयोग प्रणाली (DSS) के अनुसार, सोमवार को दिल्ली के वायु प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र की हिस्सेदारी 15.6 प्रतिशत रही, जबकि उद्योगों और अन्य स्रोतों से 23.3 प्रतिशत प्रदूषण आया। मौसम विभाग और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के अनुमान बताते हैं कि अगले दो दिनों में वायु गुणवत्ता और बिगड़ सकती है और अधिकांश क्षेत्रों में ‘गंभीर’ श्रेणी तक पहुंच सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस वर्ष 15 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर में ‘ग्रीन पटाखों’ के सीमित उपयोग की अनुमति दी थी। अदालत ने तय किया था कि पटाखे केवल दिवाली की पूर्व संध्या और दिवाली के दिन सुबह छह से सात बजे तथा रात आठ से दस बजे के बीच ही फोड़े जा सकते हैं। इसके बावजूद कई इलाकों में देर रात तक आतिशबाजी जारी रही, जिससे प्रदूषण का स्तर चिंताजनक रूप से बढ़ गया।