वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दीपावली का पर्व इस बार विशेष रूप से रोशनी और आत्मनिर्भरता का संदेश लेकर आ रहा है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं द्वारा बनाए गए दीये, मोमबत्तियां और पूजा सामग्री से गांव और शहर दोनों जगमगाएंगे। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित कर रही है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन की दिशा में भी बड़ा कदम साबित हो रही है।
मिशन निदेशक दीपा रंजन ने बताया कि हजारों स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं बाजार की मांग को देखते हुए डिजाइनर दीये, मोमबत्तियां और अन्य उत्सव संबंधित उत्पाद तैयार कर रही हैं। त्योहार को देखते हुए विशेष गिफ्ट हैंपर भी बनाए जा रहे हैं, जिन्हें ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने कहा कि समूहों के उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए एक कॉफी टेबल बुक तैयार की गई है, जिससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।
दीपा रंजन ने बताया कि समूहों द्वारा पंचगव्य और गोबर से गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां, मधुमक्खी के मोम से बनी फैंसी मोमबत्तियां और इको-फ्रेंडली दीये तैयार किए गए हैं। इसके साथ ही धूपबत्ती, अगरबत्ती और अन्य पूजा सामग्री भी समूहों द्वारा निर्मित की जा रही है।
यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ-साथ ‘लखपति दीदी’ लक्ष्य की दिशा में एक मजबूत कदम है, जो प्रदेश में महिला स्वावलंबन का नया अध्याय लिख रही है।