वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में औद्योगिक विकास विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पांचवीं ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी के आयोजन की तैयारी तेज कर दी जाए, जिसमें पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक की निजी निवेश परियोजनाओं को धरातल पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र पर चलते हुए बीते साढ़े आठ वर्षों में राज्य में चार सफल ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित हो चुकी हैं, जिनके माध्यम से पंद्रह लाख करोड़ रुपये से अधिक की औद्योगिक परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं और साठ लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि जीबीसी-05 के लिए सभी विभाग समयबद्ध तरीके से कार्य करें और प्रत्येक निवेश प्रस्ताव की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने निजी औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन के प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया संवाद और समन्वय के साथ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी भूमि का उचित मुआवजा दिया जाए और कहीं से भी उत्पीड़न की शिकायत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र की आवश्यकता अनुसार भूमि अधिग्रहण के वर्तमान मुआवजा दरों में बढ़ोतरी पर विचार करें ताकि किसानों के हितों की रक्षा हो सके।
योगी आदित्यनाथ ने निर्यात प्रोत्साहन को बढ़ावा देने के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा या यमुना अथॉरिटी में से किसी एक क्षेत्र में फिनटेक हब विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि आवंटन के बाद तीन वर्षों तक उसका समुचित उपयोग न करने वाली औद्योगिक इकाइयों की भूमि आवंटन रद्द कर दी जाए। उन्होंने निवेश मित्र और निवेश सारथी पोर्टलों को और अधिक सरल बनाने तथा सभी जनपदों में विशेष रोजगार ज़ोन विकसित करने पर बल दिया।