वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित तीन दिवसीय ‘विश्वकर्मा एक्सपो’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का विजन है कि भारत का युवा जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब क्रिएटर बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से हस्तशिल्पियों और कारीगरों को 1.32 लाख करोड़ रुपये का ऋण और 12 हजार कारीगरों को प्रशिक्षण के बाद टूलकिट वितरित की जा रही हैं।
अब तक विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 11 पारंपरिक कार्यों में टूलकिट दी जाती थी, जिन्हें अब 12 नए आधुनिक कार्यों जैसे मोबाइल, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल गुड्स रिपेयर, प्लम्बिंग, कंप्यूटर रिपेयर, सोलर इंस्टॉलेशन, डिजिटल फोटोग्राफी, ब्यूटी वेलनेस, मालाकार, मछुआरा और भरभुजा को भी शामिल कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को टूलकिट, एमएसएमई उद्यमियों को ऋण के प्रतीकात्मक चेक और विभाग के नवचयनित 111 कनिष्ठ सहायकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एमएसएमई विभाग के माध्यम से प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के साथ मिलकर सस्ता ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है। 2017 में प्रदेश का सीडी रेशियो 44 प्रतिशत था, जो अब 62 प्रतिशत हो गया है। इसे वर्ष के अंत तक 65 और अगले वर्ष 75 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है ताकि राज्य की जमा धनराशि यहीं के विकास कार्यों में उपयोग हो सके।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य दिया है और इसके लिए उत्तर प्रदेश को विकसित बनाना होगा। 2017 से पूर्व उपेक्षित रहे पारंपरिक उद्योगों को ओडीओपी योजना के माध्यम से नई पहचान दी गई है। आज प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां सक्रिय हैं, जिनसे दो करोड़ लोग रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े हैं तथा एमएसएमई क्षेत्र से 1.86 लाख करोड़ रुपये का निर्यात हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बीमारू माना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज देश का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है। उन्होंने 25 से 29 सितम्बर को ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में भी सहभागिता की अपील की। कार्यक्रम में मंत्री राकेश सचान, अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार समेत बड़ी संख्या में हस्तशिल्पी, कारीगर, बैंकिंग प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।