– नीतिगत सुधार और आधुनिक अवस्थापना ने बढ़ाया आकर्षण
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश, जो पहले से ही भारत का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य है, अब तेजी से डेयरी निवेश का अग्रणी केंद्र बनकर उभर रहा है। लखनऊ में उत्तर प्रदेश डेयरी उद्योग विभाग द्वारा “विकास एवं संभावनाएं” विषय पर आयोजित निवेशक सम्मेलन में राज्य की संभावनाओं और नीतिगत सुधारों पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम में इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक चौधरी ने कहा कि राज्य अब केवल दूध उत्पादन पर नहीं, बल्कि मूल्य संवर्धन, आधुनिक प्रोसेसिंग और वैश्विक मानकों की अवस्थापना पर विशेष ध्यान दे रहा है। इससे निवेशकों को नए अवसर मिल रहे हैं और डेयरी उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता भी बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि इन्वेस्ट यूपी प्रदेश की 34 से अधिक क्षेत्र-विशिष्ट नीतियों के माध्यम से निवेशकों को सहयोग प्रदान कर रहा है। प्रगतिशील डेयरी नीति, सरल ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस (EoDB) मानदंड और आगामी निवेश मित्र 3.0 सिंगल विंडो सिस्टम निवेशकों को तेज़ स्वीकृति और अधिक पारदर्शिता उपलब्ध कराएंगे। यह सुधार घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तर के निवेशकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगे।
श्री चौधरी ने हालिया उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के बाद राज्य में ₹4,000 करोड़ से अधिक का निवेश डेयरी क्षेत्र में वाणिज्यिक उत्पादन में प्रवेश कर चुका है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़े हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है।
सम्मेलन में यह भी रेखांकित किया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशक अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। मजबूत नीतिगत ढांचे, विश्वस्तरीय अवस्थापना और निवेशकों को सक्रिय सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता ने राज्य को इस क्षेत्र में अग्रणी बना दिया है।
इस सत्र ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश डेयरी उद्योग में निवेश के लिए अब पहली पसंद बन चुका है। यहां केवल औद्योगिक विकास ही नहीं, बल्कि सतत विकास और समावेशी वृद्धि को भी प्राथमिकता दी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में प्रदेश न केवल भारत का, बल्कि एशिया का सबसे आकर्षक डेयरी निवेश केंद्र बन सकता है।