वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को 1,112 कनिष्ठ सहायक और 22 एक्सरे टेक्नीशियन को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया आज के उत्तर प्रदेश की नई तस्वीर पेश करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 2017 से पहले की व्यवस्था भ्रष्टाचार और अव्यवस्था से घिरी हुई थी, जिसके कारण भर्तियों की जांच तक सीबीआई को करानी पड़ी थी। लेकिन पिछले आठ वर्षों में सरकार ने पारदर्शी तरीके से चयन सुनिश्चित किया है और अब तक
लगभग 8.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह तकनीक आधारित और पारदर्शी बन चुकी है। यही वजह है कि आज कोई भी प्रश्नचिह्न नहीं उठा सकता। उन्होंने बताया कि 60,000 से अधिक युवा वर्तमान समय में विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण ले रहे हैं।
उन्होंने नवचयनित टेक्नीशियनों को सलाह दी कि वे नई तकनीक और आधुनिक मशीनों के संचालन में दक्षता हासिल करें, क्योंकि सफलता के लिए सही प्रशिक्षण और तैयारी जरूरी है।
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में प्रदेश में हुए व्यापक बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले की स्थिति में बेटियां सुरक्षित नहीं थीं, व्यापारी असहाय थे और उद्यम बंदी की कगार पर थे। लेकिन आज प्रदेश विकास की राह पर अग्रसर है। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में 80 लाख से अधिक लोग आयुष्मान भारत योजना का लाभ ले चुके हैं और शिक्षकों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा की घोषणा की गई है। उन्होंने बताया कि इंसेफेलाइटिस और कालाजार जैसी बीमारियां जो पहले गंभीर समस्या बनी हुई थीं, अब नियंत्रण में हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सब एक विकसित भारत की संकल्पना की दिशा में उठाए गए कदम हैं। हर क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है और आज प्रदेश की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई नियुक्तियां युवाओं को राज्य की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित करेंगी और उत्तर प्रदेश को नए भारत की दिशा में अग्रणी बनाएंगी।