वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों ने नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ)-2025 में अभूतपूर्व सफलता हासिल कर इतिहास रच दिया है। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन तथा सरकार की शिक्षा सुधार नीतियों के चलते विश्वविद्यालयों ने राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। कई विश्वविद्यालयों ने विभिन्न श्रेणियों में ऊँची रैंक प्राप्त की है, जो प्रदेश की उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और लगातार हो रहे सुधारों का प्रमाण है।
लखनऊ विश्वविद्यालय ने इस बार विशेष उपलब्धि दर्ज करते हुए विभिन्न श्रेणियों में शीर्ष स्थान प्राप्त किए हैं। विश्वविद्यालय को राज्य विश्वविद्यालय श्रेणी में 27वां स्थान और विधि श्रेणी में 29वां स्थान मिला है। प्रबंधन श्रेणी में भी इसे 100वां स्थान प्राप्त हुआ है। इसके अलावा दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ, डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा, बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय झाँसी और महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय बरेली ने भी अलग-अलग श्रेणियों में उल्लेखनीय स्थान हासिल किए हैं।
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने इस सफलता पर सभी कुलपतियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एनआईआरएफ-2025 में मिली उपलब्धि योगी सरकार की उच्च शिक्षा को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालय अब न केवल राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, बल्कि सरकार का लक्ष्य इन्हें वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धी बनाना है। मंत्री ने विश्वविद्यालयों से अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप गतिविधियों में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।