वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। देश की आज़ादी के महापर्व 15 अगस्त को नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर आयोजित ध्वजारोहण समारोह में उत्तर प्रदेश की विभिन्न जनपदों से चयनित 14 ‘लखपति दीदियाँ’ विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगी। यह अवसर न केवल उनकी जीवन यात्रा और उपलब्धियों का सम्मान है, बल्कि प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सामूहिक शक्ति का प्रतीक भी है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशन में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों ने हजारों महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अग्रसर किया है।
बुधवार को श्री मौर्य ने अपने कैम्प कार्यालय से 14 लखपति दीदियों को हरी झंडी दिखाकर बस द्वारा दिल्ली रवाना किया। उनके साथ पति या एक सहयोगी तथा मिशन के दो विशेष प्रतिनिधि भी यात्रा पर गए।
रवानगी से पूर्व उप मुख्यमंत्री ने लखपति दीदियों से संवाद कर उनके अनुभव सुने, सम्मान पत्र और अंगवस्त्र भेंट किए तथा उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि ये महिलाएं अन्य समूहों के लिए प्रेरणास्रोत हैं और इनकी भागीदारी नारी सशक्तिकरण व आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
14 अगस्त को यह दल दिल्ली में पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के तहत भ्रमण करेगा, जबकि 15 अगस्त को लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में साक्षी बनेगा। श्री मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दीदियों की यात्रा, ठहराव और अन्य सभी व्यवस्थाएं गरिमापूर्ण ढंग से सुनिश्चित की जाएं।
विशेष अतिथि के रूप में चयनित दीदियों में हरदोई से ममता जौहर, झांसी से निशा देवी, सुल्तानपुर से ललिता मौर्य, देवरिया से रेणु देवी, लखीमपुर खीरी से उमा देवी, रुचि वर्मा और सुनीता देवी, फतेहपुर से कांति देवी और लक्ष्मी देवी, मिर्ज़ापुर से शशिबाला सोनकर और राखी कृष्णा सिंह, संत कबीर नगर से विंद्रावती देवी और संतोषी देवी, तथा सोनभद्र से निर्मला देवी शामिल हैं। यह ऐतिहासिक भागीदारी ग्रामीण महिला शक्ति की उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाएगी।