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इंडस्ट्री-एकेडमिक कनेक्ट और रोजगारोन्मुखी कौशल विकास को प्राथमिकता : डॉ. हरिओम

* विश्व युवा कौशल दिवस के समापन समारोह में दिखा विरासत और तकनीक का संगम
* उत्तर प्रदेश में पारंपरिक हुनर और आधुनिक प्रशिक्षण का मिलन
– युवाओं को ‘नौकरी खोजने वाला’ नहीं, ‘नौकरी देने वाला’ बनाना
वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। विश्व युवा कौशल दिवस 2025 के उपलक्ष्य में बुधवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में आयोजित समापन समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं के कौशल विकास को लेकर किए जा रहे बहुआयामी प्रयासों की झलक देखने को मिली। प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने कहा, “राज्य सरकार पारंपरिक ज्ञान के साथ-साथ एआई, डेटा साइंस, ग्रीन एनर्जी और ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में युवाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण देने हेतु प्रतिबद्ध है।” उन्होंने इंडस्ट्री-एकेडमिक कनेक्ट और रोजगारोन्मुखी कौशल विकास को प्राथमिकता बताया। पूरे दिन चले आयोजनों में परंपरा और तकनीक के समन्वय, उद्योगों के साथ संवाद, प्रशिक्षकों के अनुभव, युवाओं की प्रस्तुति और रोजगार पर केंद्रित चर्चाओं ने प्रतिभागियों को समृद्ध किया।
पैनल चर्चाओं में विशेषज्ञों ने हस्तकला, बुनाई, बढ़ईगिरी जैसे पारंपरिक कौशल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन जैसी आधुनिक तकनीकों को एक साथ जोड़ने की आवश्यकता बताई। यह स्पष्ट हुआ कि अब उत्तर प्रदेश का कौशल विकास ढांचा युवाओं को न केवल आत्मनिर्भर बना रहा है, बल्कि उन्हें नवाचार के लिए भी प्रेरित कर रहा है।
कौशल मेले में आयोजित नियोक्ता सम्मेलन में प्रमुख कंपनियों के CEO और HR हेड्स ने युवाओं से सीधा संवाद करते हुए उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रमों को ढालने पर बल दिया। संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार ने कहा, “यह संवाद युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक ठोस कदम है।”
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की योजनाओं — दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (DDUGKY) और राज्य कौशल विकास निधि योजना (SSDF) — की जानकारी देते हुए बताया कि अब युवाओं को जनपद स्तर पर ही प्रशिक्षण और रोजगार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। औद्योगिक इकाइयों को ट्रेनिंग पार्टनर बनाकर स्थानिक प्लेसमेंट की दिशा में प्रभावी पहल की जा रही है। कार्यक्रम का समापन रंगारंग सांस्कृतिक संध्या के साथ हुआ। लोक नृत्य, गायन, नाटक और कविताओं के माध्यम से युवाओं ने “कुशल उत्तर प्रदेश, आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” के सपने को जीवंत किया।
SkillHero’ रील्स की स्क्रीनिंग में प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं की प्रेरणादायक कहानियों को दर्शाया गया। वहीं प्रशिक्षकों ने ‘ट्रेनर्स स्पीक’ सत्र में अपने अनुभव साझा किए। ITI छात्रों द्वारा बनाए गए स्मार्ट डस्टबिन, क्लैप स्विच सिस्टम, दीपदान, ऑटोमेशन सिम्युलेटर जैसे नवाचारों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही।
प्रतिभा को सम्मान
फूड स्टॉल श्रेणी में Subhwanti Social Welfare Society को प्रथम, NEDS Skills को द्वितीय, और Frontline-NCR Business Solutions को तृतीय पुरस्कार मिला। विक्रय श्रेणी में यूनीवर्सल आईडियल सेवा समिति, फर्स्ट लाइन ग्लोबल, और साइबर एकेडमी को क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार मिले। राजकीय नवाचार श्रेणी में स्टाफ ट्रेनिंग सेंटर, आईटीआई लखनऊ, और खादी ग्रामोद्योग बोर्ड को नवाचार के लिए सम्मानित किया गया।

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