वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
कानपुर। राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर का 91वां स्थापना दिवस गुरुवार को मनाया गया। इस अवसर पर सीपीसीबी चार्टर-2.0 पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लेते हुए गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने और आधुनिक कृषि तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
राज्यपाल ने चीनी उद्योग से जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण, अपशिष्ट प्रबंधन और ऊर्जा दक्षता को प्राथमिकता देने की अपील की। सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि 1936 में स्थापित संस्थान कानपुर की औद्योगिक और शैक्षणिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विधायक नीलिमा कटियार ने चीनी, एथेनॉल और ऊर्जा क्षेत्र में संस्थान के योगदान की सराहना की।
संस्थान की निदेशक प्रो. सीमा परोहा ने बताया कि उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद के साथ नई गन्ना किस्मों और प्रजनक बीजों के लिए समझौता किया गया है। संस्थान हर साल लगभग 300 से 350 तकनीकी विशेषज्ञ तैयार कर रहा है। समारोह में देश के विभिन्न राज्यों के 13 प्रगतिशील गन्ना किसानों को सम्मानित किया गया। लखीमपुर के अचल कुमार मिश्रा ने 3,296 क्विंटल प्रति हेक्टेयर गन्ना उत्पादन कर सर्वोच्च उपज हासिल की। शाहजहांपुर के कौशल कुमार मिश्रा 2,630 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज के साथ उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले किसानों में शामिल रहे।
इस अवसर पर चीनी, डिस्टिलरी, गन्ना और बायोएथेनॉल उद्योग में योगदान के लिए संस्थान के सात विशिष्ट पूर्व छात्रों को भी सम्मानित किया गया। संगोष्ठी में जल संरक्षण, अपशिष्ट जल उपचार और प्रदूषण नियंत्रण के टिकाऊ उपायों पर चर्चा हुई।