वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। जनभवन प्रांगण में 6 से 8 फरवरी तक आयोजित की जाने वाली तीन दिवसीय प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी–2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदर्शनी के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में शामिल उद्यानों एवं गृहवाटिकाओं की प्रतियोगिता के लिए जजिंग प्रक्रिया का शुभारम्भ 31 जनवरी से किया गया, जो 1 फरवरी तक चलेगा।
निदेशक उद्यान बीपी राम ने बताया कि इस वर्ष जनपद लखनऊ से कुल 243 प्रविष्टियां प्राप्त हुई हैं। प्रतियोगिता में शासकीय, अर्धशासकीय, संस्थागत एवं व्यक्तिगत स्तर पर विकसित उद्यानों और गृहवाटिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया है। बड़ी संख्या में प्रविष्टियां प्राप्त होना इस बात का संकेत है कि लोगों में उद्यानिकी, फल-फूल एवं सब्जी उत्पादन के प्रति रुचि लगातार बढ़ रही है।
प्रदर्शनी में उद्यान विभाग के साथ-साथ भारतीय सेना, रेलवे, पीएसी मुख्यालय, मेट्रो रेल कॉरपोरेशन, नगर निगम, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास एवं विकास परिषद, एसजीपीजीआई, आरडीएसओ, आईआरटीएम तथा जनभवन सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों के उद्यानों को शामिल किया गया है। इसके अलावा निजी स्तर पर विकसित गृहवाटिकाओं ने भी प्रतियोगिता में विशेष आकर्षण पैदा किया है, जो शहरी बागवानी को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक सकारात्मक पहल मानी जा रही है। शहर के ऐतिहासिक और विरासत स्थलों जैसे बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा और सहादत अली खां के मकबरे के उद्यानों को भी विभिन्न वर्गों में शामिल किया गया है। इससे प्रदर्शनी को न केवल हरित सौंदर्य बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गरिमा भी प्राप्त हो रही है।
प्रतियोगिता में प्राप्त सभी प्रविष्टियों का मूल्यांकन भारत सरकार और उत्तर प्रदेश के औद्यानिकी से जुड़े प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों तथा प्रदेश उद्यान विभाग के सेवारत और सेवानिवृत्त विषय विशेषज्ञों से गठित निर्णायक मंडलों द्वारा किया जा रहा है। जजिंग के दौरान पौधों की गुणवत्ता, सौंदर्य, नवाचार, रखरखाव और पर्यावरणीय संतुलन जैसे मापदंडों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।