वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में बिजली व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। केंद्र सरकार की आर्थिक सहायता से करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से शहर और ग्रामीण इलाकों में 28 नए 33/11 केवी बिजलीघरों का निर्माण किया जाएगा। इन बिजलीघरों के बन जाने से शहर से गांव तक लगभग 10 लाख से अधिक की आबादी को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति का लाभ मिलेगा। इसके लिए संबंधित विभागों ने विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अमौसी, लखनऊ मध्य, जानकीपुरम और गोमती नगर जोन में नए बिजलीघरों के लिए अलग-अलग ब्लूप्रिंट तैयार किए गए हैं। जानकीपुरम जोन के मुख्य अभियंता वीपी सिंह ने बताया कि यदि समय रहते छह नए बिजलीघरों का निर्माण नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसी को देखते हुए न्यू कैम्पस, दाउदनगर, अहिबरनपुर, सुभाष पार्क, फैजुल्लागंज और मानपुर बाना बीकेटी क्षेत्रों के पास नए उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। लखनऊ मध्य जोन में न्यू ऐशबाग, न्यू तालकटोरा, मल्लपुर, न्यू आरडीएसओ और न्यू ठाकुरगंज में बिजलीघर बनाने की योजना तैयार की गई है। वहीं अमौसी जोन में सबसे अधिक 13 नए बिजलीघर बनाए जाने का प्रस्ताव है। यहां मोहनलालगंज, नादरगंज, दुबग्गा और काकोरी जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
गोमती नगर जोन में 32 करोड़ रुपये की लागत से तीन नए बिजलीघर बनाए जाएंगे। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक तकनीकी हरीश बंसल ने बताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से राजधानी की बिजली व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।