– अव्यवस्था ने जनता को किया परेशान
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी) / अजय कुमार
लखनऊ। गांवों से लेकर शहरों तक, सरकार द्वारा लागू की जा रही एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भारी भ्रम, अव्यवस्था और रोष फैल रहा है। लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने इस प्रक्रिया को “पूरी तरह अव्यवस्थित, अपारदर्शी और आम जनता के लिए कष्टदायक” बताते हुए गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि सरकार पारदर्शिता और सुविधा की बात कर रही है, लेकिन जमीनी हालात इससे बिल्कुल अलग हैं।
आयोग ने दावा किया है कि 96.22 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं, लेकिन सुनील सिंह का आरोप है कि वास्तविकता में 60 प्रतिशत से अधिक नागरिकों को अब तक प्रपत्र मिले ही नहीं हैं। उनके अनुसार सरकार के दावे और जमीनी स्थिति के बीच बड़ा अंतर साफ दिखाई दे रहा है, जिसके कारण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में असंतोष बढ़ रहा है।
सुनील सिंह ने कहा कि स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अभाव में आम लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी गरीब, मजदूर, वंचित और हाशिये पर रहने वाले वर्गों को हो रही है, जिन्हें अपनी पहचान से जुड़े दस्तावेज बनवाने में समय, पैसा और ऊर्जा खर्च करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी प्रक्रिया का उद्देश्य जनता को सुविधाजनक सेवा देना होना चाहिए, न कि उन्हें भय, भ्रम और अनावश्यक बोझ में धकेलना।