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लोकतंत्र तब तक जीवित है जब तक मताधिकार का अधिकार सुरक्षित है – आराधना मिश्रा ‘मोना’

वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता श्रीमती आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से पूरे देश में मताधिकार की चोरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तब तक जीवित है जब तक नागरिकों का मत देने का अधिकार सुरक्षित है, लेकिन आज स्थिति चिंताजनक है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरे देश में “वोट चोर गद्दी छोड़” अभियान चलाया, ताकि जनता को इस साजिश के प्रति जागरूक किया जा सके। अभियान के तहत उत्तर प्रदेश में 15 सितंबर से 8 नवंबर तक चलाए गए हस्ताक्षर अभियान में 17,95,370 नागरिकों ने भाग लिया है। यह सभी हस्ताक्षर आज दिल्ली भेजे गए हैं। नवंबर के अंतिम सप्ताह में दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल रैली आयोजित की जाएगी, जहां देशभर से जुटाए गए पांच करोड़ हस्ताक्षर राष्ट्रपति को सौंपे जाएंगे।
श्रीमती मोना ने कहा कि बिहार में फॉर्म और जरूरी दस्तावेज जमा होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब हैं। जिन मतदाताओं का झुकाव भाजपा के विरोध में है, उनके नाम सूची से काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान भी बड़े पैमाने पर वोट चोरी हुई, जहां 25 लाख वोट गायब या दोहराए गए पाए गए। 5,21,619 डुप्लीकेट वोट, 93,714 अमान्य पते और 19 लाख से अधिक थोक वोटर मिले हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का यह दावा कि उसके पास डुप्लीकेट वोटर हटाने का सॉफ्टवेयर है, संदेहास्पद है, क्योंकि उसका उपयोग नहीं किया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) मताधिकार चोरी का नया हथियार बन गया है। 1960 का लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम स्पष्ट करता है कि योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, न कि मतदाता की, लेकिन अब जिम्मेदारी मतदाताओं पर डाली जा रही है।
एसआईआर के बारे में नियम पुस्तिका क्या कहती है? श्रीमती मोना ने कहा कि वोटर रोल को अपडेट रखने के लिए, ईसीआई दो नियमित प्रक्रियाओं का संचालन करती हैः- 1. सारांश संशोधन Summary Revision (SR) → आमतौर पर चुनाव से पहले 2. गहन पुनरीक्षण Intensive revision (IR) समय-समय पर, चुनावों से स्वतंत्र।
श्रीमती मोना ने कहा कि चुनाव आयोग नागरिकता निर्धारण जैसे कार्य में दखल दे रहा है, जबकि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार यह उसकी भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि अदालत ने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो बिहार में करोड़ों गरीब मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो जाते। प्रेसवार्ता के बाद हस्ताक्षर अभियान के तहत एक लोड वाहन को दिल्ली रवाना किया गया, जिसे आराधना मिश्रा ‘मोना’, सांसद पी.एल. पुनिया, किशोरी लाल शर्मा और उज्जवल रमण सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “वोट चोर गद्दी छोड़” के नारे लगाए और लोकतंत्र की रक्षा के संकल्प को दोहराया।

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