वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। दीपोत्सव-2025 की तैयारियों के तहत उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने इस वर्ष महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रोशनी देने की दिशा में बड़ी पहल की है। विभाग की योजना के तहत ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए गए लगभग पांच लाख पारंपरिक मिट्टी के दीये अयोध्या को दीपोत्सव की रात जगमगाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस वर्ष का दीपोत्सव केवल धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि यह ग्रामीण स्वावलंबन का प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि “हमारा उद्देश्य दीपोत्सव को सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ना है। ग्रामीण महिलाएं इस परिवर्तन की सच्ची प्रतीक हैं।” राज्य के विभिन्न जिलों — अयोध्या, बाराबंकी और आसपास के क्षेत्रों — की सैकड़ों महिलाओं को पर्यटन विभाग के “ग्रामीण पर्यटन एवं होमस्टे विकास कार्यक्रम” के तहत दीये बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षित महिलाओं ने पांच लाख से अधिक दीये तैयार किए, जो अब अयोध्या के विभिन्न स्थलों पर स्थापित किए जाएंगे। दीपोत्सव के दौरान रामकथा पार्क में ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे उन्हें प्रत्यक्ष आमदनी का अवसर मिलेगा और उनके शिल्प को देश-विदेश से आए पर्यटकों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण परंपरा, हस्तकला और संस्कृति को विश्व स्तर पर पहचान दिलाना है। दीपोत्सव की रोशनी अब केवल दीयों की लौ से नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास और मेहनत से भी जगमगाएगी।