– रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के सभी प्रकरण अक्टूबर अंत तक निस्तारित करने के निर्देश
– ‘सक्षम आंगनबाड़ी’ के रूप में केंद्रों के विकास के निर्देश
– 69 हजार से अधिक पद पारदर्शिता के साथ जल्द भरे जायेंगे
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने गुरुवार को बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की कार्य समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिकाओं के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 7,952 आंगनबाड़ी कार्यकत्री और 61,254 सहायिकाओं के पद रिक्त हैं, जिनकी भर्ती के लिए समय-सारिणी तुरंत निर्धारित की जाए और प्रत्येक चरण की स्पष्ट समय-सीमा तय हो। मुख्य सचिव ने सभी जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में चयन समिति गठित करने के भी निर्देश दिए ताकि भर्ती प्रक्रिया में एकरूपता और पारदर्शिता बनी रहे।
मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत 23,697 आंगनबाड़ी केंद्रों को ‘सक्षम आंगनबाड़ी’ के रूप में विकसित करने के कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि पोषण वाटिका, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, आरओ मशीन, एलईडी स्क्रीन, ईसीसीई मटेरियल और बाला पेंटिंग जैसे घटकों को सभी केंद्रों में जल्द से जल्द स्थापित किया जाए। जिन जिलों में निर्माण कार्य की गति धीमी है, वहां विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवनों का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए और जिन केंद्रों पर अभी कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, वहां तुरंत कार्य आरंभ किया जाए।
मुख्य सचिव ने ‘पोषण भी, पढ़ाई भी’ कार्यक्रम के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से कार्यकत्रियां बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगी।
रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष से जुड़े लंबित प्रकरणों पर मुख्य सचिव ने सख्ती दिखाई और कहा कि सभी प्रकरणों का निस्तारण अक्टूबर माह के अंत तक हर हाल में किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जो अधिकारी अनावश्यक रूप से प्रकरणों को लंबित रखेंगे, उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।
अपर मुख्य सचिव महिला कल्याण लीना जोहरी ने बताया कि प्रदेश में कुल 69,206 पद रिक्त हैं, जिनमें से 2,123 पूर्व चयन प्रक्रिया से आच्छादित पद, 306 नवसृजित केंद्रों के पद और 5,523 मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्री पद शामिल हैं। इसी प्रकार सहायिकाओं के 38,994 पद सेवानिवृत्ति या मृत्यु के कारण रिक्त हैं, जबकि 22,260 पद केंद्रों के अपग्रेड होने से सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी पदों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी, जिससे बाल विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके।