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आजमगढ़ में दुर्वासा आश्रम बनेगा धार्मिक पर्यटन का केंद्र, पर्यटक संख्या में लगातार वृद्धि

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आजमगढ़ जनपद में स्थित प्राचीन और पौराणिक महत्त्व वाले दुर्वासा ऋषि आश्रम के पर्यटन विकास को स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री द्वारा इस परियोजना के लिए लगभग 1 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की गई है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह कदम प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देगा और साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था व रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि दुर्वासा आश्रम के आसपास पर्यटक सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिसमें सौंदर्यीकरण, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, सूचना केंद्र और पेयजल जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इस पहल से न केवल पर्यटकों के लिए सुविधा सुनिश्चित होगी, बल्कि पूर्वांचल क्षेत्र में पर्यटन को नया आयाम भी मिलेगा।
आजमगढ़ को पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए पर्यटन विभाग लगातार प्रयासरत है। दुर्वासा ऋषि आश्रम जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित है और सावन व कार्तिक मास सहित विभिन्न पर्वों पर यहां मेले का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। आश्रम तमसा और मंजूषा नदी के संगम पर स्थित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार महर्षि दुर्वासा ने 12 वर्ष की आयु में चित्रकूट से यहां आकर साधना की थी और सतयुग, त्रेतायुग व द्वापर युग में उनका स्थान श्रेष्ठ माना गया।
मंत्री ने बताया कि आजमगढ़ जिले में अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों में चंद्रमा मुनि आश्रम, दत्तात्रेय मंदिर, भंवर नाथ मंदिर, अवंतिकापुरी धाम, नागा बाबा सरोवर, मेनहनगर किला, निजामाबाद स्थित भगवान गणेश और मां दुर्गा मंदिर शामिल हैं। वर्ष 2024 में जिले में 15,82,855 से अधिक पर्यटक आए थे, जबकि 2025 की पहली तिमाही में 3,25,841 से अधिक सैलानियों ने जिले का दौरा किया।
जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी है। उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 के तहत प्राचीन, पौराणिक और ऐतिहासिक स्थलों का समेकित विकास किया जा रहा है। सरकार के प्रयासों से प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को विश्व पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त रूप से स्थापित किया जा रहा है। साथ ही कम चर्चित और अल्पज्ञात स्थलों को भी प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश का पर्यटन क्षेत्र और अधिक मजबूत हो रहा है।

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