– 2 करोड़ युवाओं को डिजिटल युग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की मुहिम
– 15 युवा आइकॉन सम्मानित
– MNIT इलाहाबाद और कौशल विकास मिशन के बीच MOU
– टाटा के सहयोग से 212 आईटीआई अपग्रेड होंगे
वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कार्यबल की कोई कमी नहीं है। हमारे पास स्केल है, लेकिन उसे स्किल में बदलने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। अवसर था विश्व युवा कौशल दिवस के शुभारम्भ का और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेले का शुभारंभ करते हुए युवाओं से तकनीकी रूप से दक्ष बनने की अपील कर रहे थे।
विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर मंगलवार को राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भव्य कौशल मेले का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेले का शुभारंभ करते हुए युवाओं से तकनीकी रूप से दक्ष बनने की अपील की। कार्यक्रम में प्रदेश भर के कौशल विकास केंद्रों से आए प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि, उत्तर प्रदेश में कार्यबल की कोई कमी नहीं है। हमारे पास स्केल है, लेकिन उसे स्किल में बदलने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 2 करोड़ युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि उन्हें डिजिटल युग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा सके।
कार्यक्रम में 15 युवा आइकन को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। साथ ही 262 राजकीय आईटीआई को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस करने के लिए इंडस्ट्री पार्टनर्स, जैसे टाटा समूह के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। डछप्ज् इलाहाबाद और कौशल विकास मिशन के बीच एमओयू के माध्यम से प्रशिक्षण में एआई और स्मार्ट टेक्नोलॉजी को शामिल किया जाएगा। सीएम योगी ने कहा कि युवाओं को ए-टू-जेड तकनीकी ज्ञान के साथ बाजार की मांग के अनुसार स्किल्ड बनाया जा रहा है। इसके लिए माध्यमिक स्तर से ही उन्हें प्रशिक्षण देना शुरू किया गया है। साथ ही जो युवा विदेशों में रोजगार की तलाश में हैं, उन्हें भाषा प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा ताकि वे जर्मनी, जापान जैसे देशों में भी अवसर पा सकें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यावसायिक शिक्षा राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि सीएम योगी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। उनका सपना है कि उत्तर प्रदेश का युवा न सिर्फ नौकरी करने वाला, बल्कि नौकरी देने वाला भी बने। उन्होंने बताया कि टाटा के सहयोग से ₹8000 करोड़ की लागत से 212 आईटीआई को अपग्रेड किया जा रहा है। पांच जिलों में इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें एक मुजफ्फरनगर में भी है। राज्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि सीएम स्वरोजगार योजना के तहत युवाओं को ₹5 लाख तक का ऋण दिया जा रहा है। वहीं, 600 इंटर कॉलेज में प्रोजेक्ट प्रवीण के माध्यम से छात्रों को तकनीकी रूप से सशक्त किया जा रहा है।
बताते चलें कि इस आयोजन के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में युवाओं के लिए रोजगार सृजन, स्वरोजगार और उद्योग साझेदारी को नई दिशा दी जा रही है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, डैडम् मंत्री राकेश सचान, राज्यमंत्री मन्नू कोरी, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, सीएम के सलाहकार अवनीश अवस्थी, कौशल विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।