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राजमहलों को मात देते वीआईपी कैम्प, 100 फीट लंबे प्रवेश द्वार सांस्कृतिक विरासत का जीवंत दृश्य प्रस्तुत करेंगे, डिजिटल गैलरी बताएगी महाकुंभ का सार

वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार वर्मा
प्रयागराज। महाकुंभ को लेकर योगी सरकार के निर्देश पर देश-दुनिया के संतों और श्रद्धालुओं के लिए प्रयागराज में अभूतपूर्व इंतजाम किए जा रहे हैं। महाकुंभ को दिव्य, नव्य और भव्य बनाने में अफसर दिन रात जुटे हैं। जैसे-जैसे महाकुंभ की घड़ी नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे मेला अपना आकार लेता जा रहा है। मेला क्षेत्र में 07 अखाड़ों का घेरा बनाकर तैयार किया जा चुका है। साथ ही नौ थाने और पांच पुलिस चैकियों के निर्माण का काम अपने अंतिम चरण में है। इसके अलावा नौ ऐसे वीआईपी कैम्प भी बनाए जा रहे हैं, जो बड़े-बड़े राजमहलों को मात दे दें। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ये कैम्प आकर्षण का केंद्र होंगे। इनमें 14X28 फीट के आकर्षक कमरे बनाए जा रहे हैं, जिनमें जरूरत के हर इंतजाम मौजूद रहेंगे।
संत महात्मा के साथ ही देश विदेश के 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के महाकुंभ में पहुंचने का अनुमान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चाहते हैं कि इस बार के महाकुंभ को सांस्कृतिक दृष्टि से अविस्मरणीय बनाया जाए। सीएम योगी के निर्देश पर अफसर रात दिन मौके पर खुद खड़े होकर काम करवाते देखे जा सकते हैं। सबसे खास बात ये है कि श्रद्धालुओं को मेले के प्रवेश द्वार पर ही अद्भुत नजारे देखने को मिलेंगे। यहां जगह-जगह 100 फीट लंबे प्रवेश द्वार बनाए जाने की योजना है, जो अपनी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत दृश्य प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही वीआईपी कैम्प को महाराजा टेंट की स्टाइल में बनाया जा रहा, जो पर्यटकों के लिए अच्छा खासा आकर्षण बनने जा रहा है। देश विदेश से आने वाले संतों और श्रद्धालुओं के लिए कैम्प बनाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। पूरा फोकस कैंप की आज सज्जा के साथ ही इसके बेस को मजबूत बनाने पर है।
मेला प्राधिकरण महाकुंभ 2025 को सीएम योगी के विरासत और विकास के विजन के मुताबिक डिजिटल महाकुंभ के तौर पर भी विकसित कर रहा है। इस दिशा में महाकुंभ की पौराणिक परंपरा और गाथा को वीआर (वर्चुअल रियलिटी) और डिजीटल तकनीक के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए डिजिटल महाकुंभ एक्सपीरिएंस सेंटर बनाया जा रहा है। 27 नवंबर के अपने प्रयागराज दौरे में सीएम योगी डिजिटल महाकुंभ एक्सपीरिएंस सेंटर की रूपरेखा का अवलोकन करेंगे। डिजिटल महाकुंभ एक्सपीरिएंस सेंटर वर्चुअल रियलिटी, होलोग्राम और डिजिटल प्रोजेक्शन की तकनीक से महाकुंभ, त्रिवेणी संगम और प्रयागराज महात्म्य की पौराणिक कथाओं को दर्शाएगा। आठ गैलरियां बनाई जा रही हैं जो आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से समुद्र मंथन और महाकुंभ की गाथाओं का प्रदर्शन करेंगी। यहां तक की इमर्सिव वॉक-वे गैलरी में वर्चुअल तकनीक के माध्यम से विजिटर स्वयं समुद्र मंथन की घटना का अनुभव कर सकेंगे। इमर्सिव वॉक-वे गैलरी परंपरा को नवाचार के साथ जोड़ती है तो मिस्टिक वॉक-वे महाकुंभ की आध्यात्मिक आभा का अवलोकन करवाएगी। वर्चुअल रियलिटी और एलईडी टनल में समुद्र मंथन की कथा, कुम्भ, प्रयागराज और त्रिवेणी संगम के समृद्ध इतिहास और विरासत की अनोखी अनुभूति करवाएगा। वहीं होलोग्राम और डिजिटल प्रोजेक्शन के माध्यम से महाकुंभ के सार को प्रदर्शित किया जाएगा। महाकुंभ के अनूठे अनुभव को संजोने और उन्हें घर ले जाने के लिए विशेष स्मृति चिह्नों का सॉवेनियर स्टोर बनाया गया है।

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