वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अपना कुनबा बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। सोमवार को भाजपा, बसपा समेत विभिन्न दलों के कई पूर्व विधायक, वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि अपने समर्थकों के साथ सपा में शामिल हो गए। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि नए साथियों के जुड़ने से पीडीए की लड़ाई मजबूत हुई है। इनके आने से प्रदेश के पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक राजनीतिक संदेश गया है।
सपा में शामिल होने वालों में बदायूं के बिसौली से पूर्व विधायक कुशाग्र सागर, दातागंज के पूर्व विधायक सिनोद कुमार शाक्य, बसपा के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी राम बहादुर पासी, प्रयागराज के पूर्व विधायक अजय कुमार और शाहजहांपुर के भाजपा नेता प्रदीप पांडेय प्रमुख रहे। इनके अलावा पूर्व ब्लॉक प्रमुख कालीचरण उर्फ केसी शाक्य, बसपा नेता चंद्र प्रकाश मिश्र, पूर्व एमएलसी प्रभावती पाल, आगरा के जिला पंचायत सदस्य मानिक चंद्र दिवाकर और पूर्व जिला पंचायत सदस्य जनक सिंह लोधी समेत विभिन्न जिलों के कई नेताओं ने सपा की सदस्यता ग्रहण की।
अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी में शामिल होने वाले सभी नेताओं, उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं का पूरा सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज, पीडीए और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों में आस्था रखने वाले बड़ी संख्या में लोग सपा के साथ आए हैं। नए साथियों के जुड़ने से पार्टी की जीत का आधार और व्यापक होगा।
शिवपाल ने भाजपा पर साधा निशाना :
सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने नए नेताओं का स्वागत करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा समाज को बांटने का काम कर रही है, जबकि अखिलेश यादव सभी वर्गों को जोड़ने में जुटे हैं। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार की आलोचना की। कार्यक्रम में सांसद अवधेश प्रसाद, नीरज मौर्य, आरके चौधरी, हरेंद्र मलिक, पूर्व सांसद सलीम इकबाल शेरवानी और प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल समेत कई नेता मौजूद रहे। सपा में शामिल हुए नेताओं ने 2027 में पार्टी को मजबूत कर अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प जताया।