वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
बारामती। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार को विमान हादसे में निधन हो गया। इस दुर्घटना में दोनों पायलटों समेत पांच लोगों की मौत हुई। गुरुवार को बारामती में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां सुप्रिया सुले ने परिवार की पूरी जिम्मेदारी संभाली। जब ‘अजित दादा अमर रहें’ के नारे गूंज रहे थे, तब मंच पर टूटा हुआ लेकिन एकजुट परिवार नजर आया। राजनीति की तमाम दूरियों के बावजूद शोक की घड़ी में पवार परिवार साथ खड़ा दिखा।
मंच पर अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा गहरे सदमे में थीं, वहीं उनकी ननद और सांसद सुप्रिया सुले मजबूत सहारा बनकर खड़ी रहीं। संदेश साफ था- महाराष्ट्र की राजनीति में चाहे जितनी दरारें हों, परिवार पहले है। अजित बारामती में जिला परिषद चुनावों से पहले जनसभाओं के लिए जा रहे थे। 67 वर्षीय अजित का अचानक जाना महाराष्ट्र और देश के लिए बड़ा झटका है। अंतिम संस्कार के दौरान सुप्रिया सुनेत्रा का हाथ थामे रहीं, भतीजे पार्थ को गले लगाया और सबसे छोटे बेटे जय के सिर पर हाथ फेरा, जो पिता को खोने के गम में फूट-फूटकर रो रहा था।
बुधवार को अस्पताल में भी सुप्रिया सुनेत्रा, पार्थ और जय के साथ शव की पहचान के लिए पहुंचीं। सुनेत्रा सदमे में टूट चुकी थीं, सुप्रिया ने उनका कंधा थामा और खुद भी रो पड़ीं। इन तस्वीरों ने राजनीतिक मतभेद भुला दिए। पवार परिवार के मुखिया शरद पवार भावुक दिखे। उन्होंने ममता बनर्जी के साजिश के आरोप खारिज कर कहा कि इस दुख को राजनीति से दूर रखें। परिवार से ऊपर कोई मतभेद नहीं।
ज्ञात हो कि 2023 में अजित ने शरद पवार की एनसीपी छोड़ भाजपा से गठबंधन किया था, जिससे परिवार में तनाव बढ़ा। 2024 लोकसभा चुनाव में अजित ने सुनेत्रा को सुप्रिया के खिलाफ उतारा, लेकिन सुप्रिया भारी बहुमत से जीतीं। बाद में अजित ने इसे गलती माना। आज ये सारी बातें पीछे छूट गईं। ननद-भाभी के इस दृश्य ने साबित कर दिया कि राजनीति कठोर हो, परिवार के रिश्ते उससे ऊपर हैं। ये सामान्य मानवीय भाव भारतीय परिवारों का प्रतीक बने।