वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
नई दिल्ली। नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही राजधानी दिल्ली को स्वच्छ हवा का तोहफा नहीं मिल सका। साल बदला, लेकिन दिल्ली की हवा में कोई खास सुधार नहीं हुआ। नए साल के पहले ही दिन वायु गुणवत्ता सूचकांक 382 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। ठंड और कोहरे के बीच दिल्लीवासियों को एक बार फिर प्रदूषण की मार झेलनी पड़ रही है।
एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार, मौसम की मौजूदा परिस्थितियां प्रदूषण के फैलाव के लिए अनुकूल बनी हुई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार को आमतौर पर बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में बहुत हल्की बारिश की संभावना जताई है। सुबह के समय कई स्थानों पर हल्के से घने कोहरे की चेतावनी भी जारी की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि हल्की बारिश से प्रदूषण में मामूली राहत मिल सकती है, लेकिन इसके स्थायी असर की उम्मीद कम है।
मौसम के मोर्चे पर भी ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 2025 के आखिरी दिन अधिकतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.2 डिग्री कम रहा। बुधवार को दिल्ली में बीते छह वर्षों में दिसंबर का सबसे ठंडा दिन रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो औसत से थोड़ा कम है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण राजस्थान में बारिश शुरू हो चुकी है और इसका असर दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा व पंजाब तक पहुंच सकता है। दोपहर बाद गरज के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना है, जिससे तापमान और गिर सकता है और ठंड बढ़ेगी। नए साल की शुरुआत में दिल्लीवासियों को ठंड, कोहरा और प्रदूषण तीनों का सामना करना पड़ रहा है।