वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
मुंबई। मुंबई के पहले डॉन हाजी मस्तान की बेटी हसीन मिर्जा ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इंसाफ दिलाने की मांग की है। हसीन मिर्जा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी लड़ाई उनकी अपनी है, न कि उनके पिता की पहचान से जुड़ी हुई। उन्होंने कहा, “यह मेरी कहानी है, मेरे पिता की नहीं। यह सही है कि मैं डॉन हाजी मस्तान की बेटी हूं, लेकिन मेरे साथ जो कुछ भी हुआ, उसे उनसे जोड़कर न देखा जाए।” हसीन मिर्जा ने देश में बढ़ते अपराधों पर चिंता जताते हुए कहा कि रोजाना बच्चों के अपहरण, दंगे और अन्य आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि कानून को इतना सख्त बनाया जाए कि अपराधी अपराध करने से पहले ही डरें। उनका कहना है कि जब तक कानून का डर नहीं होगा, तब तक आम नागरिक सुरक्षित महसूस नहीं कर पाएगा।
गौरतलब है कि हाजी मस्तान का जन्म 1 मार्च 1926 को तमिलनाडु में हुआ था। वे आठ साल की उम्र में अपने पिता के साथ मुंबई आ गए थे। 1960 और 1970 के दशक में हाजी मस्तान को मुंबई का सबसे बड़ा डॉन माना जाता था। हालांकि, उन्होंने अपने लिए एक ‘रॉबिनहुड’ जैसी छवि भी बनाई थी, जिसके कारण वे काफी चर्चा में रहे।
हाजी मस्तान के जीवन पर आधारित बॉलीवुड फिल्म ‘मुंबई वंस अपॉन ए टाइम’ भी बन चुकी है। 25 जून 1994 को मुंबई में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया था। आज उनकी बेटी हसीन मिर्जा अपने अधिकारों और न्याय के लिए सरकार से गुहार लगा रही हैं।