वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी) / अजय कुमार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज प्रदेश सरकार जरूरतमंदों को राजधानी लखनऊ की प्रमुख लोकेशन पर आवास उपलब्ध कराकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सशक्त भारत’ के विजन को साकार कर रही है। मुख्यमंत्री डीएवी कॉलेज परिसर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल आवासीय योजना के लोकार्पण और 72 लाभार्थी परिवारों को फ्लैट आवंटन पत्र वितरण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने योजना परिसर का निरीक्षण कर ‘एकता वन’ में पौधारोपण किया तथा समीप स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का अवलोकन भी किया।
योगी ने कहा कि लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा जरूरतमंदों को मात्र 10.70 लाख रुपये में आवास उपलब्ध कराया गया है। यदि प्रधानमंत्री आवास योजना से इसे जोड़ा गया, तो यह और भी सस्ता पड़ेगा। पिछले साढ़े आठ वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के माध्यम से 60 लाख गरीब परिवारों को मकान का सपना साकार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम स्पष्ट संदेश देता है कि गरीबों, व्यापारियों या सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जा करने वाले माफियाओं को अब बख्शा नहीं जाएगा। “प्रदेश में माफियाओं से मुक्त कराई गई भूमि पर आज गरीबों के लिए घर बनाए जा रहे हैं — यही सच्चा न्याय और सामाजिक परिवर्तन है,” उन्होंने कहा। उन्होंने बताया कि यहां बने 72 आवासों के लिए करीब 8,000 लोगों ने आवेदन किया, जिनमें 5,700 पात्र पाए गए। उन्होंने लखनऊ विकास प्राधिकरण को निर्देश दिया कि और अधिक सस्ते आवासीय प्रोजेक्ट तैयार कर जरूरतमंदों के जीवन में खुशहाली लाएं।
योगी ने कहा कि लौहपुरुष सरदार पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर यह योजना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। प्रदेश सरकार हर जिले में सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार केंद्र स्थापित कर युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि साढ़े आठ वर्षों में अपराधियों और माफियाओं पर जीरो टॉलरेंस नीति ने उत्तर प्रदेश को बेहतर कानून-व्यवस्था और निवेश का गढ़ बना दिया है। अब तक 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें 15 लाख करोड़ से अधिक जमीन पर उतर चुके हैं। योगी ने कहा कि “नए भारत का नया उत्तर प्रदेश विकास और विरासत का संगम है — जहां हर तबका सम्मान और अवसर पा रहा है।”