वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के पशुपालन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में पशुपालन और डेयरी विकास विभाग की अहम भूमिका है। उन्होंने नंद बाबा दुग्ध मिशन के कार्यान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि उत्तर प्रदेश डेयरी विकास और दुग्ध संवर्धन नीति 2022 को लोकप्रिय बनाते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा सके।
श्री सिंह ने विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में विभागीय परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि अंडा उत्पादन में कमी को दूर करने के लिए पोल्ट्री क्लस्टरों के विकास, नई हैचरी और पोल्ट्री फार्मों की स्थापना हेतु निजी क्षेत्र के सहयोग से आत्मनिर्भरता हासिल की जाए। उन्होंने पराग डेयरी के प्रदर्शन की सराहना करते हुए दूध खरीद, विपणन और बिक्री व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। साथ ही मिड-डे मील, आईसीडीएस और टेक-होम राशन जैसी राज्य योजनाओं में पराग को विशेष विक्रेता के रूप में लाभान्वित करने पर बल दिया।
पशुपालन मंत्री ने हरे और सूखे चारे की वर्षभर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नेपियर रूट स्लिप उत्पादन और चारा बीज मिनीकिट योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने उच्च गुणवत्ता वाले वीर्य की उपलब्धता बढ़ाकर पशुओं में नस्ल सुधार को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया।
प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने मटर के छिलके, मूंगफली की भूसी और शराब बनाने के अवशेष जैसे कृषि-औद्योगिक उप-उत्पादों को वैकल्पिक चारा स्रोत के रूप में उपयोग करने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने डेटा-आधारित निगरानी, एआई कवरेज और गर्भावस्था निदान को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
विशेष सचिव देवेंद्र पांडेय ने बताया कि राज्य में एआई अवसंरचना को मजबूत करते हुए 2028 तक तीन करोड़ एआई का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। बैठक में विभागीय वरिष्ठ अधिकारी और डेलॉइट के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।