वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार वर्मा
लखनऊ। सिटी मोन्टेसरी स्कूल के तीन हजार से अधिक शिक्षकों व कार्यकर्ताओं ने गाँधी जयन्ती के दिन दुग्ध धवल सफेद खादी वस्त्रों में ‘अहिंसा मार्च’ निकालकर महात्मा गाँधी के विचारों को आत्मसात करने एवं उनके सपनों को साकार करने का संदेश दिया। सी.एम.एस. शिक्षकों का यह अहिंसा मार्च गोमती नगर एक्सटेंशन स्थित मकदूमपुर पुलिस स्टेशन से सी.एम.एस. गोमती नगर एक्सटेंशन कैम्पस ऑडिटोरियम तक निकाला गया। इस विशाल मार्च में सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका डा. भारती गाँधी, सी.एम.एस. प्रबन्धक प्रो. गीता गाँधी किंगडन, सी.एम.एस के सभी 21 कैम्पसों की प्रधानाचार्याओं समेत कई प्रख्यात हस्तियों ने शामिल होकर ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का अलख जगाया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, मंत्री, खादी एवं ग्रामोद्योग, उ.प्र., ने सी.एम.एस. शिक्षकों के इस विशाल अहिंसा मार्च की प्रशंसा करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। सी.एम.एस. प्रबन्धक प्रो. गीता गाँधी किंगडन ने कहा कि सी.एम.एस. राष्ट्रपिता के विचारों को लगातार आगे बढ़ा रहा है और आने वाली पीढ़ियों में अच्छे विचार भर रहा है। महात्मा गाँधी की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं और सदैव रहेंगी। ‘मेक इन इण्डिया’ व ‘स्वच्छ भारत’ अभियान गाँधी जी के दर्शन व विचारधारा से ही प्रेरित हैं।
अहिंसा मार्च के उपरान्त सी.एम.एस. शिक्षकों ने बड़े ही उत्साह व हर्षोल्लास के साथ सी.एम.एस. गोमती नगर एक्सटेंशन कैम्पस ऑडिटोरियम में ‘अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ मनाया। समारोह का शुभारम्भ राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के चित्र पर माल्यार्पण एवं स्कूल प्रार्थना से हुआ। इसके उपरान्त, शिक्षकों द्वारा महात्मा गाँधी के आदर्शों पर आधारित ‘वर्ल्ड पार्लियामेन्ट’ की प्रस्तुति को सभी ने सराहा। समारोह में स्वं. डा. जगदीश गाँधी के प्रिय भजनों एवं राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के प्रिय भजनों ‘रघुपति राघव राजाराम’ एवं ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ की प्रस्तुति समारोह का विशेष आकर्षण रही तथापि इन भजनों भावपूर्ण प्रस्तुतियों से सम्पूर्ण ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा।
सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका एवं प्रख्यात शिक्षाविद् डा. भारती गाँधी ने इस अवसर पर कहा कि महात्मा गाँधी के आदर्शो पर चलकर ही विश्व एकता की मंजिल मिलेगी। महात्मा गाँधी ने कहा था कि विश्व की समस्याओं को सुलझाने के लिए विश्व एकता व विश्व शान्ति ही एकमात्र समाधान है। अब समय आ गया है कि महात्मा गाँधी के विचारों को साकार किया जाए। समारोह के अन्त में डा. भारती गाँधी ने सभी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।