वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2014 में हुई पशुधन प्रसार अधिकारी भर्ती में अनियमितताओं के मामले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) ने तत्कालीन प्रमुख सचिव एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी योगेश कुमार को गिरफ्तार किया है। ईओडब्ल्यू की टीम ने मंगलवार, 14 अक्टूबर को लखनऊ के गोमती नगर से उन्हें गिरफ्तार किया। भर्ती के दौरान योगेश कुमार प्रमुख सचिव के पद पर तैनात थे।
पशुपालन विभाग में 17 मंडलों में पशुधन प्रसार अधिकारियों के 1,198 रिक्त पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी गई थी। सहारनपुर मंडल को इससे अलग रखा गया था। भर्ती के लिए दो फरवरी 2014 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। आरोप है कि चयन प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया और ओएमआर शीट के मूल्यांकन तथा मेरिट सूची तैयार करने में अनियमितताएं बरती गईं। जांच में सामने आया कि मंडलीय चयन समितियों के अधिकार क्षेत्र के विपरीत ओएमआर शीट का केंद्रीकृत मूल्यांकन कराने के लिए रायबरेली स्थित फिरोज गांधी इंस्टीट्यूट को नामित किया गया था। आरोप है कि ओएमआर शीट में छेड़छाड़ कर पात्र अभ्यर्थियों को नुकसान पहुंचाया गया और अपात्र अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाया गया। मामले की जांच शासन ने 2017 में एसआईटी को सौंपी थी। जांच के बाद 2019 में एसआईटी थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
प्रकरण में नामजद छह और जांच के दौरान सामने आए 22 आरोपियों समेत कुल 28 अभियुक्तों में से 25 के खिलाफ पहले ही आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। योगेश कुमार की गिरफ्तारी मामले में जांच की अहम कड़ी मानी जा रही है।